
गोस्वामी तुलसीदास की जयंती समारोह आस्था व परंपरापूर्वक बाजार स्थित हनुमान मंदिर मे धूमधाम से मनाया गया व पुजा अर्चना की गयी।
गोस्वामी तुलसीदास के जीवनवृत पर प्रकाश डाला गया।हनुमान मंदिर के पुजारी पं.देवशरण मिश्र ने कहा कि संवत् 1554 की श्रावण शुक्ला सप्तमी के दिन मूल नक्षत्र मे उनका जन्म हुआ ।संवत 1561 माघ शुक्ला पंचमी दिन-शुक्रवार को उपनयन संस्कार किया गया ।संवत 1583 ज्येष्ठ शुक्ला त्रयोदशी गुरूवार को भारद्वाज गोत्र की एक कन्या से विवाह हुआ ।संवत 1628 मे हनुमान जी के कहने पर अयोध्या की ओर चल पड़े ।संवत 1631 को रामचरित मानस का लेखन कार्य प्रारंभ हुआ,उसी दिनत्रेता युग मे राम जी के जन्म दिन थे।संवत 1633के मागर्गशीर्ष शुक्ल पक्ष मे राम विवाह के दिन सातो काण्ड पूर्ण हो गये ।
तुलसी इस संसार मे ,पांच तत्व है सार।
सत्संग हरि कथा ,दया दान उपकार।।
संवत् 1680को श्रावण शुक्ल तृतीय को शनिवार को अस्सीघाट पर गोस्वामी जी ने राम राम कहते हुये अपना शरीर परित्याग किया ।इस मौके पर आचार्य पं० देव शरण मिश्र ,आचार्य पं० रघुवंश रघुवंशमणि पाण्डेय, पं० अम्बिका शरण मिश्र ,राम जी प्रसाद केशरी ,पप्पु गुप्ता ,उमेशचंद्र मिश्र,अवधेश उपाध्याय आदि प्रमुख रुप से मौजूद रहे।