अल्लाह हुम्मा लब्बैक की सदाओं के साथ दाऊदनगर के कई इलाकों से हज-यात्री हज के लिए सऊदी अरब रवाना हुए। पिराही बाग से मो० लतीफुर-रहमान साहब अपनी बेगम राजदा खातुन एवं बहन संजीदा खातुन के साथ, मोहल्लाह गोला गाज़ी मियां के फाटक से मोहम्मद शफी कुरैशी वहीं ग्राम- तरार से मो० कलीमुल्लाह खान साहब साथ में उनकी बेगम निकहत फातिमा हज़ के लिए आज सुबह गया एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। गया से आज हज-यात्रियों का दूसरा जत्था सऊदी अरब के लिये रवाना हुआ।
हज एक इस्लामी तीर्थयात्रा है और मुस्लिम लोगों का पवित्र शहर मक्का में प्रतिवर्ष होने वाला विश्व का सबसे बड़ा इज्तेमा है। यह इस्लाम के पाँच बुनियादों में से एक है, साथ ही यह एक धार्मिक कर्तव्य है जिसे अपने जीवनकाल में कम-से-कम एक बार पूरा करना हर उस मुस्लिम चाहे वह स्त्री हो या पुरुष पर फ़र्ज है जो शारीरिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ इसका खर्च भी उठाने लायक हों।


