शाह फैशल की रिपोर्ट:-
कल दिनांक 20 जुलाई 2017 को औरंगाबाद में स्थापना शाखा के कार्यपालक सहायक ने बिहार सरकार के अत्यंत पिछ्डा जाति के अध्यक्ष प्रमोद चंद्रवंशी के सामने अपनी समस्या को रखा। सभी कार्यपालक सहायक बिहार राज्य खाद्य निगम औरंगाबाद में कार्यरत थे जो पिछले 6 माह पहले बिहार राज्य खाद्य निगम से इनकी सेवा औरंगाबाद समाहरन्यालय के स्थापना शाखा में लेटर नंबर 158 दिनांक 06 फ़रवरी 2017 के माध्यम से इनकी सेवा को वापस कर दिया गया है। जबकि सभी कार्यपालक सहायको ने अपनी सेवा वापस के लिए बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक से कई बार आग्रह करने कर चुके है। बावजूद इसके इनको लेटर जुलाई 2017 को उपलब्ध कराई जाती है और इसका एक प्रति मेल कॉपी भी जुलाई माह में इन सभी को भेजा गया है ज्ञात हो कि इसके बीच स्थापना शाखा औरंगाबाद से कई विभिन्न विभाग में संविदा के आधार पर नियुक्ति भी की गई है। यदि इन सभी को लेटर समय पर उपलब्ध कराया गया होता तो हम सभी कार्यपालक सहायक किसी न किसी विभाग में कार्यरत रहते। सभी कर्मचारी लोग अपनी सेवा बिहार राज्य खाद्य निगम, औरंगाबाद में निष्ठा पूर्वक 5 से 6 साल तक निभाया है और उन सभी पर किसी प्रकार के गबन का मामला भी नहीं है। इसमें बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र भी किसी प्रकार के नौकरी के लिए नहीं बची है। उनलोगों के सामने एक बहुत बड़ी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। वे सभी लोग कई बार जिला पदाधिकारी औरंगाबाद से भी लेटर के माध्यम से संपर्क कर चुके हैं लेकिन उन सभी को अभी तक किसी भी विभाग में नियुक्ति नहीं की गई है जिस से की वे लोग निराश हैं।
