आज जन अधिकार छात्र परिषद् के प्रदेश महासचिव सह मगध प्रमण्डल प्रभारी विजय कुमार ऊर्फ गोलू यादव एवं जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कुमार यादव ने प्रेस ब्यान जारी कर कहा कि पूर्व मंत्री रामधार सिंह जो लगातार यादव जाती को टारगेट कर SDPO अजय नारायण यादव से लेकर, SDM सुरेंद्र प्रसाद तक जो आरोप लगाते हैं कि यादव जाती सब के सब नक्सल हैं। ये संत महात्माँ हैं जो सब पर किचड़ उछालते हैं। अपनी गिरेबान में झांक कर देख लें। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, केंद्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव,पूर्व प्रतिपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव, सांसद हुकुमदेव नारायण यादव, ओम प्रकाश यादव, आदि तमाम यादव नेता हैं भारतीय जनता पार्टी में, क्या ये सब नक्सल हैं बताए रामाधार सिंह इनको प्रेस कांफ्रेंस में कहना चाहिए न यादव जाती के लोग नक्सल होते हैं। रामाधार सिंह को जब तक पार्टी निष्कासित नहीं करती है तब तक जन अधिकार छात्र परिषद् आंदोलन करेगी। ये जो चोर बेईमान कहे जाने वाले रामधार सिंह सिर्फ यादव जाती को टारगेट करते हैं,
वह पूर्ण गलत है बहुत हुआ अत्याचार, यादव पर शोषण, एक एक अतिपिछडा़, दलित और यादव जाग चुका आप जैसे गंदी, ओछी, जात, धर्म, मजहब, के नाम पर राजनित करते हैं।
कोई भी पदाधिकारी जाति को नक्सल कहना क्या ये राजनितिक लोग को इस तरह के ब्यान देना पूरे यादव समाज को गाली देना है सही में रह कर ब्यान दें नहीं तो जिला में घुसने नहीं देंगें। रामधार सिंह को जहाँ तक रोड कि बात है इसको सत्ता में रहते दलितों पिछडो़, अल्पसंख्यक के गाँव में रोड नहीं बना, बगल में रोड होता है मगर दलित, पिछड़ा को किचड़ का सामना करना पड़ता है, क्या यही सबका साथ और सबका विकास है ये नीति कहां गया माननीय जो लोग धरना पर बैठे थें चेहरा चमकाने के लिए कर्मा रोड पर आ गए।
औरंगाबाद में अभी भी गरीब गुरबों के गाँव में एक रोडा़ भी नहीं बैठा है उसको लेकर भी आन्दोलन करनी चाहिए। देव प्रखंड में दलित, पिछडों, अल्पसंख्यक, के गाँव में अभी भी ढिबरी के रौशनी में जी रहें हैं क्या बिजली सिर्फ सामंतियों, और पुंजीपतियों के दरवाजे पर बल्ब जलेगा उस झोपड़ी में भी जलना चाहिए कि नहीं ।