भाजपा जिला प्रवक्ता अश्विनी तिवारी ने कहा कि जरा सा भी नैतिकता अगर नीतीश कुमार में बचा है तो वे तेजस्वी को बरखास्त करें। श्री तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा किसानों के समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे पूर्व मंत्री बिहार सरकार श्री रामाधार सिंह पर औरंगाबाद थाने में केस दर्ज हुआ था, अमुमन तौर पर राजनीति व सामाजिक कार्यकर्ता आमजन के समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं। पर जब उस केस में श्री सिंह का बेल टूटा तो उन्होंने मंत्री पद से स्तीफा दे दिया, जबकि नीतीश कुमार सुशासन के ढोंग रच के रामाधार सिंह, जीतन राम मांझी, अवधेश कुशवाहा सहित कई मंत्री से इस्तीफा लिया था। आज के दिन में सीबीआई द्वारा केश दर्ज करके छापेमारी की गई, पुख्ता कागजात सीबीआई को बरामद हुआ जिसमे पूरा साक्ष्य है कि तेजस्वी सौ प्रतिशत भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, फिर भी अभी तक तीन दिन बीत चुका पर नीतीश कुमार गरुड़ की तरह कुंठिमार कर बैठे हुए हैं। नीतीश कुमार का चेहरा यह साफ हो गया कि वे सुशासन बाबू नही बल्कि कुशासन के पोषक हैं। नीतीश कुमार को चाहिए था प्रेस वार्ता कर लालू राबड़ी सहित पूरे परिवार के कालाधन के बारे में आम जनता को बताये। राज्य का सच्चा व ईमानदार मुखिया वही होता है जो अपनी जान की बाजी लगा राज्य की जनता के प्रति श्रद्धावान होना है।
श्री तिवारी ने यह भी पूछा है कि लालू प्रसाद जब से सत्ता में आये हैं तब से आज तक लगभग 32 वर्षो में किसी देश के बड़े व्यक्ति के समकक्ष सम्पति कहाँ से अर्जित किये,1990 के पहले जो भी आय का स्रोत था उसको पता लगाए और विगत 32 वर्षो में अर्जित किये गए सम्पति को तुलना कर आम जन को बताये। गरीब दलित के मसीहा बता कर बिहार व रेलवे के खजाना लूटने वाले लालू यादव को नीतीश कुमार संरक्षण दे रहे हैं। अभी तक नीतीश कुमार ने चुप्पी साधे हुए हैं। इसका मतलब है मौन रूप स्वीकारनम यह बताता है कि नीतीश कुमार के इस घोटाले में हिस्सेदारी है। ये सत्ता के लोभ में स्वयं मुख्यमंत्री बने रहने के लिए किसी भी हद को पार कर सकते हैं। बिहार की शिक्षा व्यवस्था चौपट, सड़क, स्वास्थ, विधि व्यवस्था समाप्त हो चुका है। जिस दल या राज्य में सरकार है उस दल के कार्यालय पर सुरक्षा बढ़ा दी गई यह शर्म का विषय है। यह केवल बिहार के लिए शर्म का विषय नहीं है बल्कि हरेक बिहारी को हिंदुस्तान में सर झुका हुआ है। आने वाले दिन में बिहार के भोले-भाले जनता नीतीश कुमार से हिसाब लेगी।
