राशिद इमाम की रिपोर्ट:
दाऊदनगर फाटक से भगवान बिगहा की तरफ़ जाने वाले रास्ते में नाले के निर्माण कार्य हेतु खुदाई की गई थी। वर्ष 2016 में किए गए खुदाई के दौरान चर्च के कॉर्नर से जगदीश कबाड़े की दुकान तक गहरी खुदाई की गई। पिछले वर्ष से ही इसमें बरसात का पानी के साथ नाली का गंदा पानी जमने लगा है। इस नाले में जलजमाव से स्थानीय निवासियों के साथ साथ राहगिर को भी काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्थिति ऐसी बन गई है कि चंद मिनटों के लिए वहाँ पर खादें नहीं हो सकते। दुर्गन्ध के साथ साथ गंदे पानी के जमने से बीमारियों का भी ख़तरा मँडराता रहता है।

यह रास्ता सिर्फ़ भगवान बिगहा को ही नहीं जोड़ता बल्कि तीन विभिन्न धर्मों से जुड़ी आस्थाओं को भी जोड़ता है। चर्च का होना, फिर थोड़ी दूर पर एक मज़ार और उसी रास्ते से सोनतटीय रास्ते में पड़ने वाली कालीस्थान, महादेवस्थान एवं सूर्यमंदिर। यही रास्ता ओबरा बिधान सभा के विधायक विरेंद्र कुमार के घर को जोड़ता है, यही रास्ता पटना की तरफ़ जानेके लिए विकल्प तैयार करता है। जब मुख्य पथ पर जाम होने लगतीं है तो यहीं रास्ता विकल्प के रूप में सामने आती है। तो क्या इतने के बावजूद इस रास्ते को इतनी दुर्गति देखने को मिलती रहेगी? शायद इसका उत्तर नगर परिषद या कोई जन प्रतिनिधि ही मात्र दे पाएँ।