संतोष अमन की रिपोर्ट:
किसानों के साथ कथित रूप से ठगी और धोखाधडी मामले को लेकर आलोक कुमार के नेतृत्व में सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह एवं लालमोहन राम ने रतनपुर गाँव में जाकर जाँच पड़ताल की। भ्रष्टाचार प्रतिरोध संघर्ष मोर्चा बिहार झारखंड सांगठनिक राज्य कमेटी के सचिव आलोक कुमार के इस जँच कमिटी ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि किसान विनोद कुमार ने कनाप पैक्स के माध्यम से वर्ष 2015 एवं 2016 में लगभग तीन लाख रूपये मूल्य का धान बेचा था जिसका भुगतान अभी तक नहीं हो सका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि दलाल, भ्रष्ट जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों द्वारा फर्जीवाडा कर डकार लिया गया। त्रस्त होकर विनोद कुमार ने राजभवन पटना के समक्ष आत्म हत्या करने का प्रयास भी किया था जिन्हें स्थानीय लोगों द्वारा बचा लिया गया था। इस मामले में संयुक्त निबंधक (पनन) सहयोग समितियां बिहार पटना मुकुल कुमार और जिला अंकेक्षण पदाधिकारी कामेश्वर ठाकुर द्वारा 9 जुलाई 2016 को संयुक्त रूप से जांच किया गया था, जिसमें ठगी एवं धोखाधडी तथा फर्जीवाडा प्रकाश में आया था। पुनः 2 जून 2017 को उपनिबंधक (न्यायिक) सहयोग समितियां नागेन्द्र कुमार द्वारा भी जांच किया गया था जिसमें उक्त फर्जीवाडा, धोखाधडी एवं ठगी का आरोप सत्य पाया गया था। फिर भी न तो किसानों को न्याय मिला और न ही इसके लिये दोषियों पर किसी प्रकार का उचित एवं विधि सम्मत कारवाई किया गया। प्रेस बयान में कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा गया है कि राज्य व केंद्र में सरकारें किसानों और मजदूरों के प्रति केवल घडियाली आंसू बहाकर इन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते रही हैं।