संतोष अमन की रिपोर्ट:
दाउदनगर प्रखंड के शमशेरनगर पंचायत के मुखिया अमृता देवी को निर्वाचन के समय 21 वर्ष से कम उम्र होने के कारण उन्हें राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा पद से निरहर्रित घोषित किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग बिहार द्वारा 20 जून को ही वाद संख्या-25/2016 (अनिता देवी बनाम अमृता देवी) में निर्णय दिया गया है। इसके साथ ही प्रखंड के शमशेरनगर पंचायत का मुखिया पद रिक्त घोषित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार प्रखंड के महमदपुर गांव निवासी अनिता देवी ने राज्य निर्वाचन आयोग बिहार में एक परिवाद दाखिल किया था, जिसमें मुखिया अमृता देवी पर 21 वर्ष से कम उम्र में निर्वाचित होने का आरोप लगाया गया था। परिवाद में कहा गया था कि अमृता देवी की जन्मतिथि माध्यमिक वार्षिक परीक्षा 2011 के प्रमाण पत्र के आधार पर 15.08.1996 है। इस आधार पर पंचायत आम निर्वाचन 2016 में वह 21 वर्ष से कम उम्र में निर्वाचित हुई है। मुखिया का निर्वाचन बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 136 (1)(ख) एवं धारा 136 (2) के तहत अयोग्य घोषित करने योग्य है।
जिला पदाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी औरंगाबाद एवं अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार अमृता देवी ने नाम निर्देशन दाखिल करते समय जन्म कुंडली में अंकित जन्मतिथी को आधार बनाया था। सुनवाई के दरम्यान अमृता देवी द्वारा लिखित बयान में कहा गया कि उनकी चाची के द्वारा विद्यालय अभिलेख में गलती से उक्त तिथी को दर्ज कराया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में सुधार के लिये आवेदन दिया गया है। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि मध्य विद्यालय मुरारी से पांचवीं कक्षा उतीर्ण करने के बाद दो-ढाई वर्ष पढाई से दूर रहीं। जांचकर्ता द्वारा अमृता देवी के जन्मतिथी 15.08.1996 को सही माना गया, जिसके आधार पर स्पष्ट किया गया कि प्रतिवादी अमृता देवी की उम्र आम निर्वाचन 2016 में नाम निर्देशन पत्र दाखिल करते समय 21 वर्ष से कम थी। इस आदेश के साथ इस वाद का निष्पादन किया गया। इस संबंध में बीडीओ अशोक प्रसाद का कहना है कि उन्हें राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है।