पत्रकारिता में नए हुनर को सिखने में यक़ीन रखते हैं उपेन्द्र कश्यप


सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी (CCS) द्वारा आयोजित iPolicy for Journalist नौकुचियाताल (नैनीताल) तीन दिवसीय वर्कशॉप में दाऊदनगर अनुमंडल के दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र कश्यप को शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। यह वर्कशॉप नैनीताल में तीन दिनों 16 जून से 18 जून तक चला। ख़ास बात यह रही कि इस वर्कशॉप में पूरे देश के चुनिंदा मात्र 25 पत्रकार ही शामिल हुए जिसमें उपेन्द्र कश्यप का भी नाम आता है। इस कार्यशाला में दाऊदनगर से ही नहीं बल्कि पूरे बिहार से एकमात्र शामिल होने वाले पत्रकार उपेन्द्र कश्यप हैं जो अपने क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
श्री कश्यप ने इस कार्यशाला को बहुत ही प्रभावशाली बताया जिसमें उन्हें बहुत कुछ नया सिखने को मिला। अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि विशेषज्ञयों ने क्लास ली। कॉलेज की तरह कक्षाओं में छात्र-छात्रा की तरह पत्रकार पढ़े। सवाल पूछा, जवाब लिया, असंतोष हुआ तो पूरक प्रश्न पूछा। सार्वजनिक नीतियों पर बहस की। देश की शिक्षा नीति पर चर्चा की, उसकी खामियां निकाला और खुद से देश के लिए शिक्षा नीति बनाने की कोशिश की। तब पता चला कि सार्वजनिक नीति बनाना कितना मुश्किल है।

ट्रेनिंग देने वालों की लिस्ट काफ़ी आकर्षक थी और अलग अलग ट्रेनर से बहुत कुछ सिखने को मिला। सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी के प्रेसीडेंट डॉ. पार्थ जे शाह एवम् लोकसभा टीवी के एंकर व इंडिया स्पीक के प्रस्तोता श्री अनुराग पुनेठा इस कार्यशाल के मुख्य आकर्षण बने। इस यात्रा के दौरान सिखने के साथ साथ कई सारे भावनात्मक पलों को भी लोगों के साथ साझा किया और कुछ मस्ती के पल भी बिताए।

उपेंद्र कश्यप का यह पांचवा कार्यशाला था। बताया कि इससे पहले दो बार दैनिक जागरण द्वारा अखबार के पत्रकारों के लिए आयोजित वर्कशॉप में शामिल होने का अवसर मिला था। एक बार पटना के सम्राट इंटरनेशनल होटल में जर्नलिस्ट टू जर्नलिस्ट सेमिनार हुआ था जिसमें तम्बाकू और सिगरेट पर बहुत कुछ जानने को मिला। उसमें इन्हें चार अन्य पत्रकारों को भी साथ लाने का दायित्व मिला था। तब जिला के ही चार अन्य संवाददाताओं को साथ ले गए थे। जिसमें अंबा के ओमप्रकाश शर्मा, दाउदनगर के ओम प्रकाश गुप्ता, औरंगाबाद के गणेश गुप्ता व गोह के अनिरुद्ध विश्वकर्मा उर्फ दिलीप को साथ ले गए थे। उसके अलावा दिल्ली में दो दिवसीय सेमिनार में उपेंद्र शामिल हो चुके हैं। वहां फॉरवर्ड प्रेस द्वारा आयोजित किया गया था। जिसमें देश के चुनिंदा बहुजन लेखक, साहित्यकार, बड़े अधिकारी, फोटोग्राफरों से मिलने और बातचीत करने का अवसर मिला। ऐसे आयोजनों में शामिल होने से किसी भी पत्रकार के लेखन में व्यापकता और गहराई आती है जो उपेंद्र कश्यप की पत्रकारिता में दिखती है।

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