बीमारी से रोकथाम के लिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरुरी है।  

मादा मच्छर से होने वाली १२० बिमारियों में से मस्तिष्क ज्वर सर्वाधिक लाइलाज,जानलेवा व् खतरनाक बीमारी है,जो १ से १५ वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों में होती है ।ये बीमारी हमारे राज्।य में प्रतिवर्ष अप्रैल से दिसम्बर माह के बीच में होती  है।’ उपरोक्त बीमारी से हमारे राज्य में दर्जनों बच्चे प्रभावित होते हैं जिनमे कई की जाने चली जाती है।

         उपरोक्त बातें अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन पथ के प्रखंड मॉनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने रफ़ी गंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में आयोजित सामुदायिक बैठक में स्कूली बच्चों के बीच कहि।

            बैठक में श्री सिन्हा ने बताया की यदि आपके घऱ,परिवार व् समाज में किसी को तेज बुखार के साथ,उल्टी,कँपकँपी,बेहोशी, बेचैनी,मूह में झाग, कमजोऱी,सुस्ती हॉ,निंद में बाद बढ़ाता हॉ, दन्त पे दन्त लगता हो तो उसे मस्तिष्क ज्वर अर्थात दिमागी बुखार का संभावित रोगी समझें और उसे ठन्डे  पानी की पट्टी देकर अति शीघ्र निकटतम सरकारी अस्पताल भेजे, जिससे समय पर उसकी जान बचायी सके।     बैठक में श्री सिन्हा ने कहा की मच्छर से होनी वाली बीमारी से रोकथाम के लिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरुरी है।  बैठक में लगभग ६० से ज्यादा बच्चे उपस्थित हुये।

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