औरंगाबाद के तीन कलाकारों को मैथली फ़िल्म में निर्देशक संतोष बादल ने दिया मौका

दाउदनगर

*मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे दाउदनगर के विकास कुमार व मनीष,वहीं महत्वपूर्ण भूमिका में संतोष अमन

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औरंगाबाद के लिए एक बार फिर गौरव का पल है ,औरंगाबाद जिले के तीन कलाकारों का चयन मैथली की एक बड़ी फिल्म में हुआ है।निर्देशक संतोष बादल ने फ़िल्म की घोषणा करते हुए बताया कि जिले के दाउदनगर निवासी विकास कुमार,मनीष सोनी व संतोष अमन को उनकी आगामी फिल्म राजा सल्हेश के लिए चयन किया गया है मुख्य भूमिका में विकास कुमार व मनीष सोनी नज़र आएंगे वहीं संतोष अमन भी महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे।फ़िल्म का शुभ मुहर्त किया गया साथ ही पोस्टर जारी किया गया।निदेशक संतोष बादल ने दूरभाष पर बताया कि छठी शताब्दी में मिथिला के राजा सल्हेश पर एक बहुत बड़ी फिल्म बनाई जा रही है। यह फ़िल्म मैथिली में होते हुए किसी भी क्षेत्रीय फिल्मो की बजट से बड़ी फिल्म है। सल्हेश छोटी जाती के ऐसे राजा थे जिन्होंने शोषण करने वाले और जुल्मी राजाओं को हराया तथा सामाजिक एकता में बंध कर रहने के लिए प्रेरित किया। जिस तरह लोक कथाओं में आल्हा ऊदल का महत्व है उसी तरह मैथिली लोक कथाओं में सबसे प्रचलित सल्हेश की कहानी है। बताया कि फ़िल्म की शूटिंग 20 अक्टूबर से शुरू होगी।

किसी परिचय के नही हैं मोहताज संतोष बादल:

चौरम से बिना बड़ी डिग्री हासिल किए मुंबई भागकर जो मुकाम संतोष बादल ने हासिल किया है वह विरले को ही नसीब होती है। वर्ष 1996 में मुंबई पहुंचे, सिर्फ 18 साल के थे। अपना गुरु माना इंडस्ट्री के जाने माने निर्देशक होमी वाडिया को। निर्देशक बनना चाहते थे। एक साल तक उनकी बहुत सेवा की। उनके स्टूडियो के रख रखाव से लेकर उनके घर का खाना बनाना एवं कपड़े धोना दिनचर्या में शामिल रहा। 1997 में निर्देशक बनने के पूरे फॉर्मूले को समझाया। विडियो संपादन का काम शुरू किया और 1998 तक मुख्य संपादक बन गए। साल 2000 तक एडिटर के रूप में 9 अवार्ड जीते। इंडस्ट्री में खास जगह बन गई। तब सिर्फ 21 साल उम्र थी। एकता कपूर ने बतौर निर्देशक पहला मौका दिया एशिया महादेश का सबसे हिट सीरियल साबित हुआ- ‘क्योंकि सास भी कभी बहु थी’। उसके बाद 2016 के अंत तक इंडस्ट्री के सारे सीरियल अपने नाम किए और लगभग 6000 एपिसोड का निर्देशन किया। हालिया निर्देशित सीरियल ” नागिन, नागिन 2, परमावतार श्री कृष्णा, हातिम सुपरहिट रही साल 2000 से 2016 तक चार फीचर फिल्म की जो चर्चित रही। हालिया रिलीज फिल्म फाइनल मैच काफी सफल रहा। निर्देशक के तौर पर उन्हें नौ बेस्ट डायरेक्टर अवार्ड मिल चुका है। सन 2000 का सबसे कम उम्र का निर्देशक बनने का गौरव भी प्राप्त है। इनकी इंटरनेशनल फ़िल्म ” दी रिटर्न्स ऑफ डॉक्टर जगदीश चंद्र बसु ” को नेशनल अवार्ड में भी शामिल किया गया। पर्यावरण संरक्षण पर बनी इस फ़िल्म को पूरे विश्व से 124 अवार्ड मिले और पूरी दुनिया से सराहनीय पत्र मिले।बताया कि अपने पैसे का 90% भाग गरीब बच्चों को पढ़ाने में खर्च करते हैं सिर्फ 10% से अपने जीवन का निर्वाक करता हूँ।

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