दाउदनगर अनुमंडल के ओबरा प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनील कुमार चौधरी को करीब नौ वर्ष पहले पुराने एक मामले में जमानत विखंडित होने के कारण न्यायालय के आदेश पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाद संख्या 262/14 (उमेश्वर दूबे बनाम कृष्ण विजय दूबे एवं वगैरह)में ओबरा के तत्कालीन सीओ अनील कुमार चौधरी,थानाध्यक्ष समेत करीब सात-आठ लोग अभियुक्त बनाये गये थे।वादी पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह ने बताया कि यह मामला भादवि की धारा धारा 323, 504 और 379 में न्यायालय द्वारा संज्ञान में लिया गया था, जिसमें तत्कालीन सीओ एवं वर्तमान प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार चौधरी द्वारा जमानत लिया गया था।बीच में उनका जमानत विखंडित हो गया था तो उन्होंने बांड पर जमानत लिया।लेकिन दोबारा नौ नवंबर 2019 को उनका जमानत फिर से विखंडित हो गया और न तो ये स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुये और न कोई अधिवक्ता इनके पक्ष में उपस्थित हुये।शुक्रवार को उन्होंने न्यायालय में सरेंडर किया।उनके अधिवक्ता ने इन्हें लोक सेवक बताते हुये जमानत देने की अपील की।लेकिन वादी पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह ने यह कहते हुये जमानत देने का विरोध किया कि क्या लोक सेवक होने के नाते इन्हें विशेषाधिकार प्राप्त है ।अधिवक्ता श्री सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एसडीजीएम अखिलेश प्रताप सिंह की न्यायालय ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया,जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।