नवाबो व कलाकारों का शहर दाउदनगर में अब सुबह की नींद कचरा लेने आई गाड़ी में बज रहे गीत से खुलती है। गाड़ी वाला आया देखो, कचरा निकाल…। यह गीत हर जुबां में बस सा गया है। हर कोई उसे गुनगुनाता नजर आता है तो बच्चे गीत की म्यूजिक के साथ थिरक रहे हैं। देर तक सोने वाले बच्चे भी जल्द उठ जाते हैं और गाड़ी का इंतजार करते हैं। पुराना शहर में रहने वाले एक व्यवसायी का बेटा अभी ठीक से बोल नहीं पाता है, अपनी तोतली आवाज से गुनगुनाता रहता है… गाड़ी कचरा निकाल…। शहर में कूड़ा वाहन में यह गीत बज रहा है।
देख-देख तुम यहां वहां न फेंक…
फैलेगी बीमारियों से सबका होगा बुरा हाल
तो क्या करें भइया
गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल ।
सुबह होते ही शहर के हर गली-मुहल्ले में गाड़ी वाला आया है कचरा निकाल..आदि गाने का शोर सुनाई देने लगता है। शोर मचाते हुए गाड़ी के आते ही लोग खासकर महिलाएं अपने घरों से कचरे के डब्बे को बाहर निकालकर गाड़ी वाले को दे देते हैं। स्वच्छता के प्रति सजह हो रहे लोग अब शहर अपने घरों के बाहर घर का कचरा नहीं फेकते हैं। नालियों में भी कचरा नहीं डालते। लोग अब निश्चित हो गए हैं कि नगर परिषद का कचरा गाड़ी आएगा ही। शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए कदम सराहनीय है। मुहल्लों में डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए वाहन प्रतिदिन शोर मचाते हुए पहुंचती है। जिन संकीर्ण मुहल्लों में घर तक कचरा गाड़ी पहुंचने की सुविधा नहीं है। वहां के लिए ठेला लेकर सफाइकर्मी सीटी बचाते हुए घरों तक कचरा उठाव करते हैं। शहर में यहां-वहां कचरा नहीं रहे। इसके लिए नगर परिषद ने कई कुड़ादान भी बनवाएं हैं। हर दिन सुबह होते हीं शहर के हर गली-मुहल्ले से लेकर मार्केट, मेन रोड आदि में सफाई कर्मी झाडू लगाने के साथ-साथ साफ-सफाई में लग जाते हैं।वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 26 व 27 में यह वाहन नही पहुंच पा रहा है।
