दाउदनगर के भखरुआं बाजार रोड निवासी प्रमुख व्यवसायी स्वर्ण कुमार ने डीएम समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों को आवेदन भेज कर पचरुखिया में मनरेगा के पदाधिकारी पंकज कुमार और पुलिस पदाधिकारी पर वाहन जांच के क्रम में कथित तौर पर 65 हजार रुपया छीन लेने और कोई कागज व जब्ती सूची नहीं देने का आरोप लगाया है। आवेदन में लिखा है कि वे मोटरसाइकिल एजेंसी चलाते हैं।रविवार को आठ बजे आगे बढ़े तो मनरेगा पदाधिकारी पंकज कुमार और हसपुरा के पुलिस पदाधिकारी के पी सिंह ने वाहन की जांच की। जब कुछ नहीं मिला तो गाड़ी में बैठे चार लोगों की शारीरिक जांच करने लगे, जिसमें उनके पास 30 हजार, उनके पुत्र सुहर्ष कुमार के पास 25 हजार और दूसरे पुत्र निष्कर्ष कुमार के पास 10 हजार रुपया था ,जो कपड़ा खरीदने के लिये जा रहा था. दोनों पदाधिकारियों ने गाड़ी से नीचे उतारकर पैसा कथित तौर पर छीन लिया और राजनीतिक बातें की। व्यवसायी ने आरोप लगाया कि दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि पूरा व्यवसायी वर्ग व्यवसायी को वोट देने पर तुला हुआ है। बार-बार मीटिंग कर रहा है .आज तुम लोग पकड़ा गया है।देखते हैं कौन बचायेगा.व्यवसायी ने उक्त पदाधिकारियों पर गाली गलौज करते हुए जब्ती सूची नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि बिना जब्ती सूची के ही दोनों पदाधिकारी अपनी सफेद रंग की स्कार्पियो पर सवार होकर निकल गए। आसपास के लोगों द्वारा बताया गया कि इसी तरह नियमित गाड़ी जांच के नाम पर लोगों को परेशान कर भगा दे रहे हैं। उन्होंने डीएम से उक्त पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुरोध करते हुए कहा है कि उन्हें उन पैसों को वापस दिलाया जाए।व्यवसायी ने डीएम के अलावे एसपी एवं अनुमंडल पदाधिकारी एवं बिहार राज्य निर्वाचन आयोग को भी आवेदन भेजा है।व्यवसायी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने सभी सक्षम पदाधिकारियों को ईमेल द्वारा आवेदन भेज दिया है।लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई की सूचना प्राप्त नहीं हुई है ।अगर उक्त पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी तो वे इस मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग भी जा सकते हैं।
