दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क

प्रखंड के अंछा गांव में शुक्रवार की सुबह हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में दोनों पक्षों द्वारा अपना अलग-अलग तर्क दिया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि 14 अगस्त को वे लोग नाच देखने गये थे तो आरोपित पक्ष के कुछ युवाओं द्वारा मोटरसाइकिल पैर पर चढ़ा दिया गया। मना करने पर उन लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।18 अगस्त को दो  युवाओं के साथ ट्रांसफार्मर के पास मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया।20 अगस्त को भी आरोपित पक्ष द्वारा फायरिंग किया गया और पुनः शुक्रवार को फायरिंग और रोड़बाजी की घटना को अंजाम दिया गया और मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया।वहीं आरोपित पक्ष से जुड़े लोगों का कहना है कि बच्चों के विवाद में यह घटना घटी है।उनके पक्ष के एक व्यक्ति के साथ उस समय मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया, जब वे सब्जी लाने सोनतटीय इलाके में गए थे। गुरुवार को भी अपनी जमीन में लगे टावर में बिजली लाइन नहीं रहने की जानकारी मिलने के बाद वहां पहुंचे उनके पक्ष के एक युवक के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। रोड़ेबाजी की घटना में भी उनके पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं।फिलहाल, दाउदनगर थाना से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित अंछा गांव में घटी हिंसक झड़प की यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।फिलहाल, यह तो जांच का विषय है कि एक मामूली-सी घटना ने इतना भीषण रुप कैसे धारण कर लिया। समाचार लिखे जाने  तक घटना की प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी थी। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस मामले में कितने लोगों को आरोपित बनाया गया है।थानाध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है।

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