सड़क जाम मामले में 30 नामजद और एक-सवा सौ अज्ञात बने आरोपित

सड़क जाम मामले में दर्ज प्राथमिकी में 30 लोगों को नामजद एवं एक सौ से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है।यह जाम लगभग दस घण्टे से भी ज्यादा समय तक था। विदित हो कि सोमवार को सड़क दुर्घटना में मां बेटे की मौत के बाद मुआवजे के मांग को लेकर  कुर्बान बिगहा तरारी के पास दाउदनगर- औरंगाबाद रोड पर जाम कर दिया गया था ।आरोपितों में मृतकों के परिजन के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि भी शामिल है, जिनमें दाउदनगर प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार  शामिल हैं।आरोपितों में शामिल  कुर्बान बिगहा निवासी रमन राम, महेंद्र राम,सुदर्शन प्रजापत, मुस्लिमाबाद निवासी जुगल किशोर पासवान एवं अंबेडकर नगर निवासी नीरज प्रजापत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।इन पांचों के अलावा 25 अन्य लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। नामजद आरोपितों में ब्रजेश कुमार और रमेश कुमार भी शामिल हैं, जिनके मां हीरामणि देवी एवं भाई केदार प्रजापति की मौत सड़क दुर्घटना में हो गयी थी ।इनके अलावा हिमांशु कुमार, सिकंदर यादव, नीतीश कुमार, विशाल कुमार, धनजीत कुमार, पप्पू कुमार ,विकास कुमार ,अरविंद कुमार, जसबिंद कुमार अरुण कुमार, मुन्ना चौधरी, बबलू कुमार, सुमंत कुमार ,मनीष कुमार, पंकज कुमार, बंटी कुमार, भोला, सत्येंद्र ,मकसुमन चौधरी ,अनिल यादव, लिंबू चौधरी ,सनोज यादव मंटू कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया है ।इनमें अनिल यादव दाउदनगर प्रखंड प्रमुख हैं। प्राथमिकी में सीओ ने कहा है कि मृतक के परिजन रिश्तेदार एवं आसपास के लोगों द्वारा सैकड़ों की संख्या में रोड पर बीचो-बीच ट्रैक्टर लगाकर मुआवजा हेतु रोड जाम कर नारेबाजी किया जा रहा था।इस सूचना पर वे तरारी गांव के निकट पहुंचीं तो करीब एक-सवा सौ लोग सड़क जाम कर नारेबाजी करते हुए तत्काल आठ लाख मुआवजा की राशि की मांग कर रहे थे।लोगों को समझाया गया कि दोनों मृतकों की सड़क दुर्घटना में अरवल जिला अंतर्गत कलेर थाना के इलाके में मृत्यु हुई है। कलेर थाना से संपर्क किया गया तो वहां से बताया गया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। अंचलाधिकारी कलेर के माध्यम से औरंगाबाद प्रशासन को अभिलेख भेजी जा रही है। इन सारी बातों से सड़क जाम कर रहे लोगों को अवगत कराया गया तथा समझाने -बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे लोग और उग्र होते गये तथा पुलिसकर्मियों एवं पदाधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे और उग्र होकर मारपीट पर उतारू हो  गए। पुलिस बल द्वारा गाड़ियों को जाने देने हेतु कहा गया तो ऐसा करने से रोका गया और उपद्रवी पुलिस पर जानलेवा हमला करते हुए ईट- पत्थर मारने लगे, जिसमें पुलिस अवर निरीक्षक तार बाबू एवं सहायक अवर निरीक्षक पंकज कुमार झा घायल हो गए। पुलिस बल आने के बाद किसी तरह जाम कर रहे लोगों को खदेड़ दिया गया और जाम को हटवाया गया। प्राथमिकी में सीओ ने उपद्रवियों द्वारा करीब सात घंटे तक भीषण जाम करने, पदाधिकारियों से बदतमीजी कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने ,आवश्यक सेवा में एंबुलेंस, बस, खाद्य सामग्री, डीजल पेट्रोल की गाड़ियों को रोकने, पुलिसकर्मियों को पर जानलेवा हमला कर कई पुलिसकर्मियों को घायल कर देने तथा सरकार द्वारा कोरोना को महामारी घोषित करने के बावजूद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।पुलिस द्वारा भादवि की विभिन्न धाराओं के तहत तथा 3 इपोडेमिक एक्ट 1897 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। थाना अध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि अन्य नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी एवं अज्ञात की पहचान के लिये कार्रवाई की जा रही है।वहीं प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार ने खुद को निर्दोष बताया है।उन्होंने   स्थानीय पदाधिकारियों पर बुलाकर फंसाने का आरोप लगाया है।कहा कि जब सड़क जाम था तो  वे अपने आवास पर थे।पदाधिकारियों ने उनके मोबाइल पर कॉल कर उन्हें बुलाया, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है ।उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण समझने को तैयार नहीं थे ।इसके बाद वे वापस अपने घर चले गए।प्रखंड प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि पदाधिकारियों द्वारा उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है ,जिससे ऐसी आशंका बनती है कि अन्य निर्दोष लोगों का नाम भी प्राथमिकी में दिया गया होगा, जिसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता है। प्रखंड प्रमुख ने बताया कि वार्ड संख्या 14 के वार्ड सदस्य मंटू कुमार को भी नामजद आरोपित बनाया गया है जबकि वार्ड संख्या 12 के वार्ड सदस्य महेंद्र पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

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