सड़क पर कांटी लगाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का उद्भेदन करते हुए गिरोह के सरगना समेत दो अपराधियों को गिरफ्तार करने में ओबरा थाना की पुलिस को सफलता हाथ लगी है।दाउदनगर के पुलिस इंस्पेक्टर शंभू यादव के नेतृत्व में ओबरा थानाध्यक्ष संजय कुमार, सब इंस्पेक्टर कृष्ण प्रसाद एवं एएसआई ललन प्रसाद यादव की टीम को यह महत्वपूर्ण सफलता पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार समकालीन अभियान के तहत चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान के दौरान डिहरा-तेजपुरा लख के पास से प्राप्त हुई है। एसडीपीओ राजकुमार तिवारी ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि खुदवां थाना क्षेत्र के मोख्तियारपुर निवासी सिकंदर पासवान और इसके बहनोई ओबरा थाना क्षेत्र के तेजपुरा निवासी ब्रजेश पासवान को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। इन अपराधियों के पास से एक पिस्तौल ,एक जिंदा कारतूस और एक खोखा, एक थरनेट और एक गोली तथा एक बाइक जब्त किया गया है ।अपराधियों की निशानदेही पर चार पीस लोहा का तिनकोनिया कील भी बरामद किया गया है ।एसडीपीओ ने बताया कि इन अपराधियों द्वारा एक अंतर जिला गिरोह चलाया जाता है ।इस गिरोह के सदस्यों द्वारा सड़क पर कील लगाकर वाहनों के साथ लूटपाट की जाती है अब तक करीब एक दर्जन लूटपाट की घटनाओं में अपराधियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। यह अंतर जिला गिरोह है ,जिसने औरंगाबाद जिले के अलावे अरवल व गया जिले के कोच आदि स्थानों पर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। एसडीपीओ ने बताया कि दाउदनगर-गोह-गया रोड पर चार फरवरी 2020 को ट्रक के साथ लूटपाट की घटना घटी थीम19 मार्च 2020 को इसी गिरोह के द्वारा सड़क पर कील लगाकर वाहन के साथ साथ लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया था।उस समय भी एक अपराधी को पकड़ा गया था और उसकी निशानदेही पर दो और अपराधी गिरफ्तार किये गये थे ।लेकिन पांच अपराधी फरार थे। फरार अपराधियों में ये दोनों अपराधी भी शामिल थे,जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी।एसडीपीओ ने बताया कि ओबरा पुलिस को इस अपराधिक गिरोह के डिहरा- तेजपुरा लख के आसपास सक्रिय होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन दोंनो अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की संलिप्ता दाउदनगर थाना कांड संख्या 34/20,98/20, 260/19,खुदवां थाना कांड संख्या 1/14, ओबरा थाना कांड संख्या 71/12 में भी रही है।
पुलिस द्वारा कांटी गिरोह के जिस गिरोह का उद्भेदन किया गया है, वह गिरोह रात के अंधेरे में सन्नाटा में सड़क पर कील लगाकर अपने शिकार का इंतजार करता था ।सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह किसी व्यस्त सड़क पर पहुंच जाता था और ऐसे स्थान की तलाश करता था जो बिल्कुल सन्नाटे में हो और आसपास में ऐसी झाड़ी हो, जहां छिपने का अवसर मिल सके। ऐसे ही स्थान की तलाश कर सड़क पर कील लगाकर यह गिरोह अपने शिकार का इंतजार करना शुरू कर देता था ।जैसे ही कोई वाहन कील की चपेट में आकर पंक्चर होता था और वाहन चालक चक्का बदलने के लिए उतरता था, उसी दौरान इस गिरोह के अपराधी पिस्तौल का भय दिखाकर वाहनों के साथ लूटपाट की घटना को अंजाम देते थे और उस वाहन के जाने के बाद फिर से अपने शिकार के इंतजार में छिप कर बैठ जाते थे।
