कोरोना को लेकर अचानक जारी लॉक डाउन से सभी लोग परेशान हैं। कई लोग अपने घरों से दूर फंसे हैं। इसी तरह एक मामला दाउदनगर का है।जहां पश्चिम बंगाल के कोलकाता के जीजीजी रोड निवासी मोहम्मद मुन्ना अपने साला इरशाद कुरैशी की शादी में नौ मार्च को ही दाउदनगर आए हुए थे इनके साथ उनकी पत्नी चंदा बेगम एवं छह छोटे-छोटे बच्चे हैं इनके साथ ही कोलकाता के ही टेंगरा निवासी नसीम अख्तर अपनी पत्नी साराजहां खातून एवं दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ आये हुए हैं ।18 मार्च को अरवल जिले के किंजर के इब्राहिमपुर में साला की बारात गयी।जो 19 मार्च को वापस लौटी। 21 मार्च को वलीमा( बहुभोज )था।22 मार्च को जनता कर्फ्यू लागू हुआ, उसके बाद 23 मार्च से लॉकडाउन है, जिसके कारण ये लोग अपने घर नहीं जा पाए हैं और दाउदनगर में ही फंसे हुए हैं। इनका कहना है कि चंद दिनों बाद ईद का त्यौहार है ।सभी लोग अपने-अपने घर जाना चाह रहे हैं। मेजबान और मेहमान की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रहने के कारण उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है। इस घर में कमाने वाले एकमात्र सदस्य नौशाद कुरैशी हैं, जिन पर पहले से ही परिवार के 16 सदस्यों की जवाबदेही है और अब इन्हें मिलाकर के 28 सदस्यों की जवाबदेही नौशाद कुरैशी के कंधे पर है।इनलोंगो ने कहा कि जब पास बनवाने के लिए वे लोग अनुमंडल कार्यालय गए तो वहां से कहा गया कि जिला में जाइए और वहां भी एक साथ अधिकतम तीन का ही पास बन सकता है।
