बांटी जा रही है प्रतिदिन राहत सामग्री

लॉकडाउन के कारण उन लोगों का जीवन यापन मुश्किल हो गया है, जो दिहाड़ी मजदूरी कर या रिक्शा चलाने जैसा कार्य कर अपने एवं अपने परिवार का भरण पोषण करते थे।ऐसे लोग अपने घर में  सिमट कर रह गए हैं ।ऐसे लोगों की मदद के लिये ओबरा विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा के पुत्र एवं अंकोढ़ा पंचायत के मुखिया कुणाल प्रताप और उनकी स्वयंसेवी टीम आगे आयी है पिछले कई दिनों से इस टीम के द्वारा दिहाड़ी मजदूरों एवं गरीबों के इलाकों में जाकर दो सौ गरीबों को अनाज एवं अन्य रोजमर्रा की सामग्री प्रदान किया जा रहा है  रोज 10 क्विंटल चावल,  डेढ़ क्विंटल दाल,एक  क्विंटल नमक,एक क्विंटल सरसों तेल और ढाई से तीन क्विंटल आलू का वितरण प्रतिदिन किया जा रहा है।वार्ड पार्षदों या अन्य समाजसेवियों के माध्यम से गरीबों की सूची बनायी जा रही है प्रतिदिन पूर्वाहन 11 बजे से कुणाल प्रताप के अलावे राजद नगर अध्यक्ष मुन्ना अजीज ,सफदर हेयात,रूपेश कुमार सोनी, अनवर फहीम,सराशिद इमाम, राजा बाबू, कमर रायज़ ,ललन यादव, राज कुमार, सुनील सुल्ली आदि की टीम  के सहयोग से किट बनाने का कार्य शुरू कर दिया जा रहा है। एक किट में 10 किलोग्राम चावल, सवा किलो दाल ,आधा किलो ग्राम नमक ,एक लीटर सरसों तेल और ढाई किलोग्राम आलू का किट तैयार किया जा रहा है और फिर इस कीट को उस दिन के लिए चिन्हित इलाकों में पहुंचकर उनकी टीम द्वारा गरीबों के घर में पहुंचाया जा रहा है। बताया गया कि अब तक अफीम कोठी, डफाली टोला ,जोड़ा मंदिर के पास ,बम रोड, साईं टोला, पटवाटोली, वार्ड नंबर सात, नालबंद टोली, बारादरी मुहल्ला, गोला मुहल्ला, मियां मुहल्ला, वार्ड नंबर 13 ,सिनेमा हॉल के पास, पटना के फाटक ,मल्लाह टोली आदि इलाकों में किट का वितरण किया जा चुका है और अब ग्रामीण क्षेत्रों की ओर भी जाकर वितरण किया जायेगा .कुणाल प्रताप ने बताया कि कुछ समाजसेवियों मदद से यह व्यवस्था की गयी है और प्रतिदिन कम से कम एक लाख रुपए का खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है. इसकी व्यवस्था उक्त लोंगो की मदद से प्रतिदिन की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन लोगों का लक्ष्य है कि लॉकडाउन यानी 14 अप्रैल तक गरीबों के घर में जाकर या राहत सामग्री प्रदान करेंगे। अभी तक उनके पास इतनी व्यवस्था है कि पांच-छह अप्रैल से असुविधा नहीं होगी। इन लोगों ने सभी सक्षम लोगों से अपील किया है कि अपने- अपने स्तर से गरीबों एवं दिहाड़ी मजदूरों की पहचान कर उनके घरों पर अनाज पहुंचाने का कार्य करें, ताकि गरीबों के घर में चूल्हा जल सके। ऐसी आपदा की घड़ी में गरीबों की मदद करना हम सभी का दायित्व है।

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