लोगों में स्वस्फूर्त जनता कर्फ्यू का व्यापक समर्थन देखने को मिला। जनता ने सुबह की अपने रोजमर्रा के काम जैसे दूध लाना व अन्य जरूरी सामान लाने का काम सुबह सात बजे से पहले ही निपटा दिया और फिर घरों के अंदर बैठ गए। शहर में सड़कें सूनी थी। सड़कों पर पुलिस व आवश्यक सेवाओं में जुटे लोग ही नजर आ रहे थे। लोगो का कहना था कि जनता का…जनता के लिए…जनता के द्वारा लागू इस कर्फ्यू का मकसद कोरोना वायरस को बढऩे से रोकना है। कोरोना वायरस को बढऩे से रोकना और इसके संक्रमण की चेन को तोडऩा है। जितने कम लोग घर से निकलेंगे और एक-दूसरे से जितना कम मिलेंगे उतरा ही कोरोना कंट्रोल में रहेगा। पुराना शहर कीगुलाम सेठ जहां सुबह सब्ज़ी की मंडी लगती थी ,वहां सन्नाटा दिखा, इक्का दुक्का लोग टहलते नगर आए पर थोड़ी देर में घर चले गए,वहीं नगरपरिषद रोड में सुबह गुलज़ार रहता था वहां सभी दुकाने बन्द दिखा ,एक चाय दुकान खुला भी था तो वह 7 बजे के बाद बन्द कर दिया। भखरुआं मोड़, बाज़ार रोड, मुख्य बाजार,लखन मोड़, बाज़ाज़ा रोड, चूड़ी बाजार समेत हर तरफ सन्नाटा दिखा। शहर के कुछ मुहल्ले में लोग घर के बाहर बैठे नज़र आए उन्हें घर वाले के समझाने पर अन्दर चले गए। कुल मिला कर जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा।कोरोना से लड़नेे के लिए जनता कर्फ्यू में जनता पूरा सहयोग दिया तो पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद थी।
