साहित्यक सांस्कृतिक शोध संस्था मुम्बई एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जन-जातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के सयुक्त तत्वावधान में दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “आधुनिकता के संदर्भ में राम कथा और कृष्णकथा का वैश्विक परिप्रेक्ष्य एवं नयी शिक्षा नीति एवं हिंदी भाषा” विषय पर व्यपाक विश्लेषण किया गया। इस सम्मेलन में साहित्य सृजन हेतु दाउदनगर निवासी कुणाल किशोर को आयोग द्वारा सम्मानित किया गया वर्तमान में मगध विश्वविद्यालय में बोधगया में मगही विभाग में स्नातकोत्तर छात्र हैं।उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनका आलेख प्रस्तुत हुआ था ,जिसके लिये उन्हें सम्मानित किया गया है।इस अवसर पर गोवा के पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा, डॉ विधोत्मा कुंजल निदेशक एन.जी. आई. मॉरिसस, प्रो टी वी कटटीमनी कुलगुरु ,इंद्रा गांधी जंजातितय विश्वविद्यालय अमरकंटक, डॉ अलका धनपत प्रोफेसर एम जी आई मॉरीशस, डॉ यानुदेव बुधु हिंदी प्रचारणी सभा, मॉरीशस, लीना शरीन यूनिवर्सिटी ऑफ मास्को कल्चर सेंटर रूस एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुनील शास्त्री द्वारा पुरुस्कृत किया गया।
