
गुरुवार को संयुक्त वामपंथ भाकपा (माले) के आव्हान पर एनआरसी एवं सीएए कानून के विरोध में भखरुआ मोड चोराहा पर चक्का जाम कर दिया।इससे पहले दाउदनगर के किला मैदान से जुलूस के शक्ल में गुलाम सेठ चौक, नगर परिषद,बाज़ार होते हुए भखरुआं मोड़ पहुंची ।जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया।लगभग तीन घण्टे तक चक्का जाम किया गया। इस दौरान पटना औरंगाबाद मुख्य पथ बाधित रहा।नेताओ ने कहा कि सीएए व एनआरसी राष्ट्र विरोधी व लोक तंत्र विरोधी कानून है,लोकतंत्र की हत्या कर देने वाली यह काला कानून है।हम इसे किसी सूरत में भी लागू नही होने देंगे।कांग्रेस नेता संजय सिंह ने कहा कि जिस तरह से भारत सरकार नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर भारतीय नागरिकों पर थोपा जा रहा है वह देश का काला कानून है।इस बंदी में कांग्रेस ,रालोसपा, भीम आर्मी, जनअधिकार पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं ने समर्थन देते हुए सड़क पर उतर गए।माले के टाउन सचिव बिरजू चौधरी के नेतृत्व में माले के बामदेव सिंह,सुदामा सिंह, कामता सिंह आलेख देवी तमन्ना पासवान महेंद्र राम धर्मेंद्र कुमार फातिमा खातून सतेंद्र नारायण अधिवक्ता नंद कुमार यादव अधिवक्ता लक्ष्मण भुइयां, राजू रंगरेज ,सरफराज आलम ,कयूम अंसारी ,महफूज आलम, असगर कुरेशी एवं कांग्रेस के राजेश्वर सिंह,असगर अंसारी भीम आर्मी के टुल्लू रावत आदि उपस्थित रहे।
