
दाउदनगर कुचा गली स्थित कला संगम द्वारा आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन कलाकार डॉ धर्मवीर भारती ने बच्चों को कला की बारीकियों को समझाते कहा आपका शरीर ही टूल्स है। इसके विभिन्न अंगों को जैसे चाहे मोड़ कर आप अभिनय कर सकते हैं । उन्होंने कहा चरित्र को पहचानिए ।इसे पहचान कर ही आप अभिनय के सफल कलाकार बन सकते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में जाइए चुपचाप बैठकर लोगों की बातों को सुनिए, उनके चाल को देखिए उस पर मनन कीजिए फिर उसके चरित्र को एक्टिंग का रूप दीजिए। उन्होंने कलाकारों से टैटू या कर्ण छेदन या अंग -भंग पर चेतावनी देते कहा इसे आप सफल कलाकार नहीं बन सकते। कला के अन्य विभिन्न बारीकियों को भी उन्होंने अभिनय कर समझाने का प्रयास किया । संस्था से जुड़े गोविंदा राज ने बताया कार्यशाला के अंतिम दिन सभी छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। उसमें प्रमाण पत्र के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। इस अवसर पर संस्था से जुड़े अन्य सदस्य उपस्थित थे।इस मौके पर अंजन सिंह,मनोज,चंदन चौरसिया ,अशोक आर्यन, देव शर्मा आदि मौजूद रहे।