बेजुबानों के इलाज करने वाले को खुद के इलाज हेतु पैसा नहीं


प्रखंड के हसपुरा निवासी पशु चिकित्सक कपिल बाबू आज कैंसर हो जाने के कारण संकट से गुज़रना पड़ रहा है। कई माह से उनके गले में हुए गिल्टी का इलाज विभिन्न जगहों से करवाया जा रहा था पर उनका मर्ज सुधरने के बजाए और बिगड़ गया साथ ही साथ पैसा खर्च होते गया जिसमें उनके घर के आर्थिक हालत खराब हो गया है ।महावीर कैंसर संस्थान पटना ने उन्हें गले में कैंसर होने की पुष्टि की है पिछले 10 दिनों से उन्हें खाने पीने में बहुत तकलीफ हो रहा है वे केवल तरल पदार्थ ही किसी तरह ले पा रहे हैं और उसी पर उनकी जिंदगी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है उनके कमाई से ही घर का खर्च चलता था और आज वह खुद के इलाज के लिए किसी मदद करने वाले हाथ की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं उनके घर की वित्तीय हालत है ऐसा नहीं है कि वे अपने इलाज के लिए बड़े शहर का रुख कर सकें।अभी तक किसी भी प्रकार की मदद उन्हें किसी भी स्तर से नहीं मिल पाया है ।गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम,सुरेंद्र कुमार भारतीय उर्फ छोटू,रविंद्र यादव अपने इष्ट मित्रों के साथ मिलकर उनके लिए हर प्रकार की मदद के लिए आगे आएं हैं। बताया गया कि समाजसेवियों बुद्धिजीवियों मानवतावादियों और आम लोगों से अपील किया जा रहा है कि लोग उनसे मदद को आगे आएं अगर किसी चैरिटेबल ट्रस्ट या कोई अन्य संस्था या व्यक्ति के माध्यम से उनके इलाज के लिए किसी भी प्रकार की मदद सलाह मिलने की संभावना हो तो सूचित करें ताकि एक जरूरतमंद को सहायता प्रदान कर इंसानियत और भाईचारे का मिसाल पेश किया जा सके।
बताया गया कि कपिल बाबू पशु के चिकित्सक हैं वे
सबके दुख दर्द दूर करने के लिए दिन को दिन नहीं और रात को रात नहीं धूप को धूप नहीं बारिश को बारिश नहीं समझते थे जिस समय उन्हें बुलाएं हाजिर हो जाते थे।वो आज खुद दर्द में है कैंसर नामक मर्ज का शिकार हो गए हैं,जिस के इलाज के लिए लाखों रुपए उनके पास नहीं हैं उन्हें आर्थिक मदद की आवश्कता है।

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