
विजन संस्था द्वारा संस्था के 10 वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित विजन चैंपियन प्रतियोगिता का आयोजन ऐतिहासिक बन गया।चाहे सुप्रसिद्ध गणितज्ञ आनंद कुमार का हर सवाल का बेबाकी से जवाब देना हो या आकर्षक डिजटल प्रतियोगित हो या सांस्कृतिक प्रस्तुति लोगो पर अमित छाप छोड़ दिया। देर शाम चल रहे विजन चैम्पियन का फाइनल राउंड खेला गया ,जिसमें कंप्यूटर स्क्रीन के माध्यम से कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर फाइनल राउंड के लिए चयनित नौ प्रतिभागियों से सवाल पूछे गए।फाइनल द इंडियन कोचिंग सेंटर ओबरा के विद्यार्थी सिकंदर आलम विजेता बना,जिसे पुरस्कार राशि का चेक देकर पुरस्कृत किया गया।निदेशक अरविंद कुमार धीरज ने कहा कि सिकंदर के पिता फिरोज आलम ऑटो बनाने का काम करते हैं और मां वहीदा खातून गृहिणी हैं। उसका सपना आईएएस बनने का है।प्रतिदिन पांच से छह घंटे की पढ़ाई करता है। कार्यक्रम में सुपर-30 के संस्थापक एवं सुप्रसिद्ध गणितज्ञ आनंद कुमार ने पूरी बेबाकी से छात्र-छात्राओं एवं आम लोगों के सवालों का जवाब दिया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे विजन के निदेशक अरविंद कुमार धीरज ने दर्शक दीर्घा की ओर से उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित सवाल किए, जिसका जवाब उन्होंने पूरी बेबाकी के साथ दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं की चर्चा करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। जिस देश का भविष्य सुनहला होता है, उस देश को हमेशा इंजीनियर की जरूरत पड़ेगी। हमारे देश का पिछले 10-15 वर्षों में जिस प्रकार से विकास हुआ है और टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है तो देश में इंजीनयरों की आवश्यकता है।इंजीनियरिंग के अलावे कई ऐसी दिशाएं हैं, जहां अपार संभावनाएं बन सकती हैं। चाहे आप शिक्षक या डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहें- जिस क्षेत्र में भी हों, यदि आप उत्कृष्टता के साथ कार्य करेंगे तो काफी सफल होंगे। किसी भी काम में संभावनाएं कम नहीं है। कोई भी काम बुरा नहीं है। कोई भी काम छोटा नहीं है।जो भी काम करें, पूरी उत्कृष्टता के साथ करें तो सफलता निश्चित तौर पर मिलेगी। एक सवाल के जवाब में आनंद कुमार ने कहा कि यदि विद्यार्थी उद्यंड होते हैं तो शिक्षक पर प्रश्न उठना चाहिए कि आखिर वे बच्चों का प्रेम क्यों नहीं खींच पा रहे हैं।उन्होंने कहा कि इसी संस्था के माध्यम से वे दाउदनगर में ही ओबरा विधानसभा स्तरीय एक सुपर थर्टी प्रतियोगिता आयोजित करेंगे और चयनित प्रतिभागियों को पटना लाकर या दाउदनगर में ही व्यवस्था कर उन्हें शिक्षा प्रदान करेंगे, ताकि उनकी प्रतिभा में निखार आ सके।प्रतियोगिता को सफल बनाने में कंप्यूटर पर सुरेंद्र कुमार मेहता ,मेराज अख्तर और अभिमन्यु भारती ने सहयोग किया ।वहीं कार्यक्रम में मौजूद भगवान प्रसाद शिवनाथ प्रसाद बीएड कॉलेज के सचिव डॉ प्रकाश चंद्रा ने इस कार्यक्रम की काफी सराहना की। राज्य पिछड़ा आयोग के पूर्व सदस्य प्रमोद सिंह चंद्रवंशी, विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे । प्रबुद्ध भारती के कलाकार मोंटी केशरी व मुन्नी ने आपने गायन से जलवा बिखेर दिया वहीं कला प्रभा संगम के गोविंदा राज की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में राहुल, उदय ,अमन ,संजय किशोर, शंकर ,वंदना, माधुरी, सत्येंद्र, विजय,विनय,अमिता आदि ने सहयोग किया।