मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है अहिंसा


मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म अहिंसा है, इसलिए हमेशा जियो और जीने दो के संदेश पर कायम रहना चाहिए।उक्त बातें
विद्या निकेतन परिसर में आयोजित महावीर जयंती समारोह में सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता ने कही।
इससे पहले समारोह का उद्घाटन संस्था के सीएमडी श्री गुप्ता के साथ सीईओ आनंद प्रकाश, डिप्टी सीईओ विद्यासागर ,प्राचार्य सरजू प्रसाद एवं प्रशासक संदीप कुमार ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से किया ।आनंद प्रकाश ने भगवान महावीर को त्याग, करुणा और अहिंसा का पालक बताया ।उन्होंने कहा कि एक वीर पुरुष दिव्य आत्मा के जन्म के पहले पूरी धरती हरी भरी हो जाती है।संसार के सारे जीवो को परम सुख और शांति का अनुभव होता है ।महावीर के जन्म के समय जब संसार अंधकारमय हुआ था तब लोगों में आशा की एक ज्योति जागी और भगवान का धरती पर अवतरण हुआ।विद्यासागर ने उनके उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दुख से भरा संसार है, यह कर्मों का व्यापार है। संदीप कुमार ने कहा कि आज के बदलते माहौल में भगवान महावीर के संदेश अधिक प्रासंगिक हैं। आज समाज का स्वरूप जितना कुरूप होता जा रहा है ।उसमें हमें उन्हें उनके दिखाए मार्ग पर चलना होगा तभी भारत की संस्कृति सुरक्षित रहेगी.शिक्षिका रमा जैन ने कहा ने भी संबोधित किया।इस मौके पर शिक्षक राजेश पांडेय, गिरजा ठाकुर ,अविनाश, राजू ,किरण जैन ,सुमन कुमारी, सुनीता कुमारी आदि मौजूद थे।

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