
गोस्वामी तुलसीदास अपने सती प्रसंग के माध्यम से यह बताते हैं कि हम जीवन में कहां-कहां गलती करते हैं और उसको किस प्रकार सुधारा जा सकता है।ये सद्ग्रंथ हमारे जीवन में आइने का कार्य करते हैं, जिस प्रकार हम आईने में अपने आप को देख कर अपने रूप को संवारते हैं, उसी प्रकार सदग्रंथों के वचनों का पालन कर हम अपने जीवन की दशा और दिशा की व्यवस्था को सुधार सकते हैं ।उक्त बातें वृंदावन से पधारे मानस व्यास पुनीत पाठक ने कही।
श्रीरामचरितमानस यज्ञ समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा प्रवचन को सुनने के लिए लोगो की भीड़ उमड़ रही है।सोमवार की रात्रि श्री पाठक ने श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करते हुए कहा कि जिद और क्रोध से ही परिवार टूटते हैं, जिसका प्रमाण श्रीरामचरितमानस में मिलता है।जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार दृढ़ इच्छा शक्ति का भंडार है।सभी प्रकार के मानसिक समस्याओं का एक ही निदान है कि हम श्री हरि के पावन चरणों में अपना समर्पण करें
। जबलपुर से पधारीं विदुषी सुनीता शास्त्री जी ने श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की सप्रसंग संगीतमय व्याख्या करते हुए कई प्रेरक बातें बताईं और जीवन में उतारने का संदेश दिया। श्री राम चरित मानस यज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रो. अटल बिहारी ,सचिव सुरेश कुमार गुप्ता, पूजा व्यवस्थापक प्रमुख पप्पु गुप्ता समेत अन्य सदस्य इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हुए हैं।पूजा व्यवस्थापक प्रमुख ने बताया कि श्री राम कथा प्रवचन का आयोजन 13 अप्रैल तक किया जाएगा।