असाध्य रोगों का सफलतापूर्वक इलाज होम्योपैथ चिकित्सा पद्धति में 

विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मेडिकल आफीसर सह
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं सुपर स्पेशलिटी एवं एडवांस होम्योपैथिक रिसर्च क्लीनिक लाइफ लाइन के निदेशक एवं डॉ. मनोज कुमार ने होम्योपैथिक चिकित्सा के जनक डॉ. सैमुअल क्रिश्चियंस फ्रैड्रिक हैनीमैन की जयंती के अवसर पर होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि वैज्ञानिक शोध से यह बात पूरी तरह से प्रमाणित हो गई है कि असाध्य रोगों का सफलतापूर्वक इलाज होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में ही है।जनसाधारण के स्वास्थ्य को स्वस्थ करके ही उनके जीवन स्तर को उठाया जा सकता है और रोगों से बचाव किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से परेशान रहते हैं परंतु गरीबी एवं साधन सुलभ नहीं होने के कारण अपना इलाज नहीं करा पाते हैं।होम्योपैथिक एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है जो सुरक्षित सरल एवं असरकारक है। यह व्यक्ति विशेष के प्राकृतिक स्वास्थ्य की पूर्ति करने में सहायता करता है जिन बीमारियों से त्रस्त हो रहा है।शरीर की बीमारियों से लड़ने की अपनी ही रोग- प्रतिकारक शक्ति होती है ,जिसे होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति बढ़ाती है।यह चिकित्सा पद्धति कुछ ही बीमारियों के लिए पर्याप्त नहीं है बल्कि विश्व की सारी बीमारियों में उपयुक्त व असरकारक है।हर प्रकरण में मरीज की मानसिक व शारीरिक स्थिति की जांच करके उसके अनुकूल दवाएं दी जाती है,जिससे बीमारी समूल नष्ट हो जाती है ।डॉ कुमार ने कहा कि उनके द्वारा कई ऐसे जटिल व असाध्य रोगों से त्रस्त मरीजों का इलाज किया गया है।

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