एक सम्मान दादा दादी के नाम


विद्यार्थी जो बनना चाहें ,अभिभावक उन्हें वह बनने में मदद करें। जो मन से करेगा, लगन से करेगा वह कुछ बनकर दिखाएगा। उक्त बातें विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के तत्वाधान में संस्कार विद्या नॉलेज सिटी,नवरतन चक परिसर” में आयोजित
विरासत 2019- एक सम्मान दादा दादी के नाम” समारोह में उद्घाटन करते हुए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पटना के सचिव एवं बिहार प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार ने कही। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हृदय को को छू लेने वाली है।इस कार्यक्रम की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम ही होगी।कहा कि बिहार में नई टेक्नॉलजी का शिक्षा लाएंगे।
वैश्य चेतना परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं. सुंदर साहु ने कहा कि आज के माहौल में बुजुर्गों का सम्मान करना बड़ी बात है ।एसडीओ अनीस अख्तर ने कहा कि मानव की गरिमा बनाये रखने में शिक्षा का अहम योगदान है।शिक्षकों का हमेशा सम्मान करें।अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी तेज नारायण राय ने कहा कि दादा दादी का सम्मान जरूर करें।दादा दादी अपने पुत्र से ज्यादा पोता पोतियों से स्नेह रखते हैं।निश्या फाउंडेशन के अध्यक्ष डा.नीलम सिंह ने कहा कि आज अपनी संस्कृति से खिलवाड़ किया जा रहा है।अब मां को मॉम एवं बाबूजी से डैड बोला जाने लगा है।दादा दादी के सम्मान के लिए आयोजित यह कार्यक्रम सराहनीय है ।शेरशाह कॉलेज सासाराम के पूर्व व्याख्याता डॉ. बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि माता संस्कार की जननी होती हैं. इसलिए हमेशा उनका सम्मान करना चाहिये. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के हिंदी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ नंदजी दुबे ने कहा कि एक समय था, जब दादा- दादी ,नाना -नानी के सानिध्य में बच्चे रहते थे और पौराणिक कहानियां सुना करते थे। आज यह स्थिति अतीत की बात बनती जा रही है।रांची से पहुंचे न्यूज एंकर अरविंद प्रताप ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हमारा देश सांस्कृतिक विरासतों का देश रहा है और हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाये रखने का संकल्प लेना चाहिए.अश्विनी कुमार तिवारी,विजय अकेला,सरयू सिंह,द्वारिका प्रसाद आदि ने भी संबोधित किया।
सदाचार का पढ़ायें पाठ :
भगवान प्रसाद शिवनाथ प्रसाद बीएड कॉलेज के सचिव डॉ प्रकाश चंद्रा ने कहा कि यह दिल को छू लेने वाला कार्यक्रम है।इस विद्यालय द्वारा शिक्षा को बहुत दूर तक ले जाने का कार्य किया जा रहा है ,वह काबिले तारीफ है.बुजुर्ग जीवन में शांति व अपना वैचारिक क्रन्ति लाएं।सदाचार का पाठ पढ़ाएं।खुद का आचरण सही रहेगा तो बच्चे भी अच्छा आचरण सीखेंगे।
किया गया सम्मानित:
इस कार्यक्रम में करीब एक हजार की संख्या में पहुंचे दादा- दादी और नाना नानी को अंग वस्त्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। संस्था के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता ने बुजुर्गों को समर्पित यह अद्भुत आयोजन किया गया है धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सीईओ आनंद प्रकाश ने किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के प्रशासक संदीप कुमार ने किया।कला प्रभा संगम के सचिव गोविंदा राज के निर्देशन में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई।जब प्यारी दादी मां चांद से प्यारी मां की प्रस्तुति नन्हे बच्चो ने दिया तो लोग ताली बजाने पर मजबूर हो गए।मेरा दादा दादी अनमोल कवाली हो या अंश का देशभक्ति नृत्य ,कल प्रभा संगम के अद्भुत प्रस्तुति तथा स्टंट डांस पर देशभक्ति रंग में लोग डूब गए।

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