
प्रखंड कार्यालय में एक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला से आए प्रशिक्षकों द्वारा ईवीएम वीवीपैट का प्रशिक्षण सभी मास्टर ट्रेनरों एवं बीएलओ को दिया गया ,जिसकी शुरुआत प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम ने कु. जिला से आए प्रशिक्षक शशिधर सिंह एवं रंजन कुमार द्वारा बीएलओ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा वीवीपैट के इस्तेमाल के बारे में बताया गया।उन्हें बताया गया कि यह किस प्रकार काम करता है ।बीडीओ ने कहा कि मतदाताओं का भरोसा बढ़ाने के लिए ईवीएम को अब वोटर वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (बीबीपैट )से युक्त कर दिया गया है।वीवीपैट एक स्वतंत्र प्रणाली है जिसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) से जोड़ा जाता है।मतदाताओं को मतदान बिल्कुल सही होने की पुष्टि करने में मदद मिलती है ।इस प्रशिक्षण में बीएलओ से वीवीपैट के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।इस मौके पर बीएलओ को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी औरंगाबाद द्वारा जारी एक पत्रक भी उपलब्ध कराया गया, जिसमें वीवीपैट के मिथक एवं वास्तविकताओं का वर्णन किया गया है। पत्रक में बताया गया है कि वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल 933 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों और 18 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में हुए निर्वाचनों में किया जा चुका है।आज की तारीख तक वर्ष 2017 -18 के दौरान सात राज्यों( गोवा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात ,मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक में हुए साधारण विधानसभा निर्वाचनों में भी सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया जा चुका है।इस मौके पर प्रखंड कार्यालय के निर्वाचन कोषांग में प्रतिनियुक्त शिक्षक राजेंद्र प्रसाद, कुमार धर्मेंद्र, रेयाजुल हसन के अलावे मास्टर ट्रेनर अंबुज कुमार सिंह, श्रीनिवास मंडल बीआरपी मो.ऐनुल हक समेत विभिन्न मतदान केंद्रों के बीएलओ मौजूद रहे। बीडीओ ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद बीएलओ अपने मतदान केंद्रों एवं मतदाताओं के बीच जाकर इसके इस्तेमाल के बारे में बतायेंगे और उन्हें जागरुक करेंगे।
