तीन जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस के रूप में मनाने की मांग


आगामी तीन जनवरी को औरंगाबाद के टाउन हॉल में आयोजित होने वाले माता सावित्री बाई फुले जयंती समारोह की सफलता हेतु निकाला गया रथ शहर के पुराना शहर स्थित वार्ड संख्या पांच स्थित माली टोला( महात्मा फुले नगर )में पहुंचा।जहां वार्ड पार्षद बसंत कुमार के नेतृत्व में रथ का स्वागत किया गया।
स्वागत करने वालों में कुणाल किशोर, रविंद्र कुमार, निर्भय कुमार ,अर्जुन कुमार ,हरे राम कुमार आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे ।बताया गया कि इस रथ पर माली (मालाकार) कल्याण समिति औरंगाबाद के अध्यक्ष प्रवेश मालाकार, उपाध्यक्ष प्रयाग मालाकार, सचिव सुनील मालाकार, उप सचिव नरेश मालाकार, संयोजक बैजनाथ मालाकार, इंद्रजीत मालाकार एवं अक्षय कुमार दाउदनगर पहुंचे थे
।बैजनाथ मालाकार ने कहा कि जयंती के माध्यम से समिति राज्य सरकार व केंद्र सरकार से माली को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने तथा महात्मा फुले व सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न की उपाधि देने एवं तीन जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस के रूप में बनाने की मांग करेगी।उन्होंने कहा कि तीन जनवरी को औरंगाबाद जिला मुख्यालय के टाउन हॉल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला करेंगे ,जबकि मुख्य अतिथि मालाकार समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता काले साहेब( पुणे ),औरंगाबाद विधायक आनंद शंकर, हरियाणा से आए प्रो. चित्रा माली, जेएनयू के प्रो.एस एन मालाकार ,प्रदेश सचिव संजय मालाकार ,पूर्व उपभोक्ता संरक्षण सदस्य आर एन मालाकार, प्रदेश सचिव बीएन मालाकार, जयपुर से आए मिश्री माली तथा पटना से पहुंचे ललन भक्त, भूपेंद्र मालाकार, प्रमोद मालाकार, आदि मौजूद रहेंगे। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा फुले एवं सावित्रीबाई फुले ने अपना पूरा जीवन समाज से छुआछूत मिटाने व समरूपता कायम करने में लगा दिया।

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