औरंगाबाद जिले ने खो दिया उभरता हुआ क्रिकेटर।



सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवा एवं पुराना शहर निवासी अंबुज कुमार के निधन के साथ ही औरंगाबाद जिले ने क्रिकेट के क्षेत्र में एक उभरते हुए प्रतिभावान युवा को खो दिया।मृतक अंबुज कुमार बीती रात दिल्ली से दाउदनगर के लिए आए थे ।अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद अपने फुफेरे भाई नीतीश कुमार मिश्रा के साथ अपने फुआ के घर शमशेरनगर चले गए, जहां से फुफेरे भाई के साथ ऑटो पर सवार होकर बुधवार की पूर्वाहन जब दाउदनगर आ रहे थे तो उसी दौरान यह सड़क हादसा हुआ और घटनास्थल पर ही अंबुज की मौत हो गई।
इसकी क्रिकेट खेलने की क्षमता को देखते हुए सभी ने उम्मीद पाल ली थी कि यह जल्द भारत के तरफ से प्रतिनिध करेगा।अभी हाल में ही औरंगाबाद में एक क्रिकेट मैच खेलते हुए शतक बनाया था।अंबुज जिले के उभरते हुए क्रिकेटर थे और वर्तमान में दाउदनगर क्रिकेट टीम के उपकप्तान थे ।इन्होंने कोलकाता में रहकर क्रिकेट का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।औरंगाबाद जिला की जिला टीम की ओर से खेल चुके थे ।इनमें अपने क्षेत्र के लिए कुछ नया करने का जज्बा था।जिसे लेकर उन्होंने अपने साथियों के साथ दाउदनगर क्रिकेट टीम का गठन करने में अहम भूमिका निभाई और उप कप्तान के रूप में स्थानीय युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का काम भी कर रहे थे ।खेलने के दौरान अंबुज की उंगली चोटिल हो गई थी ,जिसके कारण वे अभ्यास भी नहीं कर पा रहे थे
सपना हुआ चूर:
पुरानाशहर वार्ड संख्या पांच के निवासी अंबुज कुमार अपने चार भाइयों में से सबसे छोटे थे। वे एक होनहार क्रिकेटर थे।जब ये काफी छोटे थे तभी इनके शिक्षक पिता राम कृपाल पांडेय का देहांत हो गया था।मां के कंधों पर चार पुत्रों की जवाबदेही आ गई थी।बड़े भाई ओबरा के नवनेर हाई स्कूल में पदस्थापित हैं।वहीं एक भाई कादरी मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं ।इनके संझले भाई शिक्षक अनुज पांडेय का रोते रोते बुरा हाल है ,रोते रोते कह रहे थे कि अपने भाई को एक क्रिकेटर के रूप में स्थापित कर भारत के तरफ से खेलते देखने का सपना चूर हो गया। सभी परिजनों दहाड़ मार कर रो रहे थे जो भी सांत्वना देने जाता वे खुद रोने लग जा रहे थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.