मां हर लेती हैं भक्तों को सभी दुख:

राहुल कुमार की विशेष रिपोर्ट:

नवरात्र स्पेशल :–
आज शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन है और तीसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाती है. मां के मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. मां चंद्रघंटा की दस भुजाएं हैं और मां सिंह पर विराजमान रहती हैं. मां के गले में उजले फूल की माला होती है और मां को सुगंध बेहद प्रिय है.
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना से मां भक्तों को सभी पाप हर लेती हैं और उसके काम के बीच आने वाली बाधाओं को नष्ट करती हैं. जो भी भक्त मां की पूजा करता है उसके स्वभाव में विनम्रता आती है और शांति मिलती है. ज्योतिषों की मानें तो जिन जातकों का द्रमा कमजोर होता है उन्हें मां चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए, इससे उन्हें विशेष लाभ मिलता है.

मंत्र :-

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।

या

ऊं एं ह्रीं क्लीं

पूजा के समय कपडे का रंग

ऐसी मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा के समय भूरे रंग के कपडे पहनने चाहिए। इसके साथ ही गोल्डन रंग के कपडे भी भक्त पहन सकते हैं. मां को पूजा के समय दूध, खीर या सफ़ेद रंग के मिष्टान से भोग लगाना चाहिए. इसके आलावा मां को शहद का भोग लगाया जाता है।।

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