
राजद आपदा प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष नवलेश यादव ने कहा कि गोह की पुलिस से लोगों में आतंक है और पदाधिकारी पुलिस के बचाव का कार्य कर रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक बड़ा आंदोलन होगा।जन आक्रोश को दबाने का प्रयास हुआ तो वह बम बनकर फटेगा। दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अनीस अख्तर पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि गोह में प्रदर्शन कर रहे लोगों का आधार कार्ड माँगा जा रहा है। इस प्रकार लोगों से आधार कार्ड माँगना लोकतंत्र एवं संवैधानिक मूल्यों की अवहेलना है।
नवलेश यादव ने कहा कि गलती और सीनाजोरी सीखना है तो कथित सुशासन की छत्रछाया में पल रहे बिहार पुलिस से सीखना चाहिये। ऐसी ही सीनाजोरी से जुड़ा मामला देखना हो तो गोह थाने के हथियार लूटकांड को देखिए। जो मामला सड़क दुर्घटना में अमरनाथ यादव की मौत के बाद उपजे आक्रोश से जुड़ा था। पुलिस 10 वर्ष पहले टीबी की बीमारी से मरे कमलेश यादव को अभियुक्त बनायी है तो मृतक के चाचा ईश्वर दयाल यादव समेत इजाल करा रहे चार परिजन को भी माओवादी कह रही है।
गोह पहला थाना नहीं है जहां जनता का ग़ुस्सा भड़का है। इसके पहले बारूण, आरा, वैशाली समेत तीन दर्जन थाने जन आक्रोश के शिकार हुए हैं। जो लोग बीडीओ के साथ मुआवजे की मांग कर रहे थे, उन लोगों को भी फंसाया गया है। हिम्मत है पुलिस अधिकारियों में तो संतरी से हथियार छिन्ने, बैरक से हथियार लुटने का वीडियो फूटेज जारी करे। निहत्थी और निर्दोष जनता पर गोलियां बरसाकर और फर्जी मुकदमों में फंसाकर बहादुर ना बने पुलिस। जिसके घर के इकलौते जवान बेटे की मौत हुई है उसी के परिवार के लोगों पर हथियार लुटने का आरोप। क्या मृतक के परिजन पहले से हथियार लुटते रहे थे? क्या न्याय की गुहार लगा रहे लोग पुलिस से हथियार लुटने में पहले से पारंगत थे? आख माजरा क्या है?