

जिउतिया लोकोत्सव जाते जाते 73 वर्षीय सबसे बुजुर्ग कलाकार डोमन चौधरी ने सन्यास की घोषण कर सभी को भावुक कर गए ।इन्होंने घोषणा किया कि चाकू चढ़ाने का करतब का यह आखरी साल है,यह इनका अंतिम चाकू चढ़ाने का करतब है।पर इन्होंने कहा कि अगले साल से चाकू न चढ़ा सिर्फ बहरूपिया का अभिनय करेंगे।सन्यास की घोषणा करते ही सभी दर्शक खड़े होकर ताली बजाते हुए इनका अभिनन्दन किया।घोषणा करते समय इनके आंखों में पानी भर आया। अपने 25 सालों का अनुभव बतलाया कि कैसे चाकू चढ़ाते थे और इसी अवस्था मे रात में सो भी जाते थे।जागरण में छपी लेख का भी जिक्र किया।
डोमा चौधरी लगभग 25 वर्षो से इस उत्सव में अपने शरीर पर काफी संख्या में चाकू चढ़ाते आ रहे हैं।
इन्होंने एक बार एक साथ 46 चाकू एवं बड़ी सुइयों से दिल बना लिया था।जब इन्होंने यह करतब किया था तब ये दो दिन तक उसी अवस्था मे रह गए थे यानी 48 घण्टे चाकू एवं सुई शरीर मे डाले रहे। इनके उस्ताद मनोज हलवाई हैं इससे पहले मनोज के पिता रामजी हलवाई भी उस्ताद रह चुके हैं। गुरुवार को इन्होंने पूरे शहर में भ्रमण किया ।पूरा शहर इनका दीवाना है। जब इन्होंने सन्यास का घोषणा किया तो कई लोगो ने कहा कि ये दाउदनगर जिउतिया के सचिन तेंडुलकर हैं।