
आज दोपहर को दाउदनगर स्थित आईबी में जदयू के वरिष्ठ नेता प्रमोद चंद्रवंशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जदयू का दलित महादलित सम्मलेन मंगलवार को जिला मुख्यालय के अनुग्रह इंटर स्कूल में आयोजित किया गया है। जदयू की एक टीम इस सम्मलेन में दलितों, महादलितों के हित में नीतीश सरकार द्वारा लिए गए अभूतपूर्व निर्णयों से उन्हें परिचय कराते हुए यह बताया जाएगा कि सरकार के इन निर्णयों से दलितों व महादलितों को किस तरह फायदे हुए। आगे उन्होंने बताया कि पंचायती राज में एकल पदों पर दलितों व महादलितों को अगर लाभ मिला तो निसंदेह इसका श्रेय नीतीश सरकार को जाता है। लालू यादव ने इन्हें वंचित रखा था।
2005 में नीतीश कुमार की सरकार बनी तो यह ब्यवस्था किया गया। टोला सेवकों व विकास मित्रों की बहाली की गई। सरकार ने पांच डिसमिल जमीन तक देने का निर्णय किया। दलितों के लिए बीपीएससी में पिटी की परीक्षा पास करने के बाद 50 हजार व यूपीएससी में पास करने के बाद एक लाख रुपया देने का निर्णय किया गया ताकि वे आगे की तैयारी कर सकें। सरकार ने दलितों के हित में निर्णय लेते हुए दशरथ मांझी कौशल विकास योजना लाई। गहलौर में प्रत्येक वर्ष भब्य मेला का आयोजन कर दशरथ मांझी के पूण्य तिथि मनाने के निर्णय भी नीतीश की सरकार ने ही की। दर्जनों फैसले दलितों के हित में लिए गए। श्री चंद्रवंशी ने कहा कि सम्मलेन की सारी तैयारी पूरी है। पूर्व मंत्री श्याम रजक, पूर्व विधायक अजय आलोक के साथ ही पार्टी के कई प्रवक्ता इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम पूरे बिहार में किया जाना है। प्रेस वार्ता में दाउदनगर प्रखंड अध्यक्ष रामानंद चंद्रवंशी, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र नारायण सिंह, अभय चंद्रवंशी, कौशल दुबे, नंदकिशोर चौधरी, विजय प्रसाद, संजय पटेल, सत्येंद्र चंद्रवंशी, कमलेश चंद्रवंशी आदि उपस्थित थे ।