
बिहार में अपराधियों के बढ़े हौंसले और बदतर क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए युवा राजद के प्रदेश सचिव अरुण कुमार ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लगातार हो रही घटनाओं को देखकर ऐसा लग रहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गयी है। आए दिन लूट, हत्या और अपहरण की घटनाओं को देखते हुए अगता है कि सुशाशन बाबू कुशाशन से ग्रसित हो गए हैं।
बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी अपराधियों से गुहार लगा कर अपनी और सरकार की कमज़ोरियों का बखान और अपराधियों के हौंसला-अफ़्जाई करते फिर रहे। यानी कि सरकार और पुलिस अपराधियों के आगे नतमस्तक हो गयी है। पिछले एक सप्ताह में सूबे में अपराधियों द्वारा हत्या जैसी जघन्न अपराध के कई घटनाओं को अंजाम दिया गया है।
मुजफ्फरपुर हत्याकांड से लेकर डॉक्टर के बेटे की अपहरण कर हत्या का मामला क़ानून व्यवस्था पर सीधे तौर पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। ताज्जुब की बात है कि अपराध करने के बाद अपराधी पुलिस के पकड़ से बाहर है। औरंगाबाद के गोह थाने में हुई सड़क दुर्घटना में उपजे तनाव में भी पुलिस द्वारा कुछ राजद कार्यकर्ताओं पर झूठा आरोप लगाकर उन्हें तंग किया जा रहा है। हालाँकि मैं पुलिस थाने में हुई घटना की निंदा करता हूँ, लेकिन पुलिस प्रशासन से अपील करता हूँ कि पुलिस कार्यवाही में निर्दोष लोगों को शामिल ना किया जाए। हर तरफ अराजकता का माहौल बन गया है। नीतीश कुमार से सत्ता सम्भल नही रही है। हम मांग करते है वो इस्तिफा दे और बिहार राष्ट्रपति शासन लागू हो।