तरारी पंचायत ओडीएफ हुआ घोषित


शुक्रवार की देर शाम दाउदनगर प्रखंड का तरारी पंचायत ओडीएफ घोषित हो गया।इस पंचायत को ओडीएफ( खुले में शौच से मुक्त घोषित) करने के लिये तरारी पंचायत सरकार भवन के पास एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें डीआरडीए के डायरेक्टर शिवकुमार शैव ने इस पंचायत को ओडीएफ घोषित किया ।इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इस पंचायत को मिली है।करीब एक वर्ष पहले इसकी शुरुआत की गई थी ,जिन थोड़े बहुत लाभुकों का प्रोत्साहन राशि भुगतान बचा हुआ है, उनका प्रोत्साहन राशि का भुगतान जल्द से जल्द कर दिया जायेगा।उन्होंने तरारी पंचायत के सभी लाभुकों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिये बधाई दी और ओडीएफ घोषित होने के बाद होनेवाले लाभों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।एसडीओ अनीस अख्तर ने कहा कि ओडीएफ घोषित होने के बाद अब बने हुये शोचालयों का उपयोग करें एवं अपने आस पास के गांवों एवं पंचायतों में भी शौचालयविहीन घरों में शौचालय निर्माण के लिये ग्रामीणों को प्रेरित करें।
प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम ने कहा कि तरार व करमा पंचायतों के बाद तरारी पंचायत दाउदनगर प्रखंड का ओ डी एफ होने वाला तीसरा पंचायत बन गया है।अक्टूबर महीने में तीन अन्य पंचायतों को भी ओडीएफ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।15 दिसंबर तक इस प्रखंड को ओडीएफ बना देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने में सभी ग्रामीणों,जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का सकारात्मक सहयोग प्राप्त हो रहा है।तरारी पंचायत की मुखिया संगीता देवी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने के लिये सभी ग्रामीणों,जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का आभार जताया।उन्होने सभी अतिथियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक रामाकांत सिंह ने किया।इस मौके पर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह वरीय प्रभारी पदाधिकारी तेज नारायण राय, प्रखंड प्रमुख अनील कुमार,उप प्रमुख नंद शर्मा,करमा मुखिया प्रतिनिधि धर्मेन्द्र कुमार सिंह,तरार मुखिया सर्वोदय प्रकाश शर्मा,प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मनोज कुमार साव,मुखिया प्रतिनिधि राकेश कुमार ठाकुर,उपमुखिया अजय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहें।
तरारी पंचायत को ओडीएफ घोषित करने का कार्यक्रम तय समय से काफी देर बाद देर शाम में शुरू हुआ, लेकिन उस दौरान पंडाल में लगीं अधिकांश कुर्सियां खाली दिखीं। इस संबंध में जब डी आर डी ए डायरेक्टर से पत्रकारों द्वारा पूछा गया वे सवाल को यह कहते हुये टालते देखे गये कि पब्लिक खड़ी थी। शत-प्रतिशत के आसपास शौचालयों का निर्माण हो जाने के बाद ही पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जाता है। हो सकता है कि कुछ का प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित हो जो जल्द ही मिल जाएगा।

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