नगर परिषद द्वारा आयोजन नही कराने पर काली पट्टी बांध कलाकार करेंगे विरोध।


दाउदनगर जिउतिया लोकोत्सव नगर परिषद द्वारा कराने का मांग कलाकारों के साथ साथ सभी दाउदनगर वासी कर रहे हैं।वर्ष 2016 में तत्कालीन नगर पंचायत बोर्ड द्वारा जिउतिया लोकोत्सव का आयोजन किया गया था।वर्ष 2017 में नप बोर्ड नहीं था और यह आयोजन नहीं हो सका था। वर्ष 2018 में नप बोर्ड गठन के बाद यह पहला जिउतिया पर्व है और स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा इस वर्ष जिउतिया लोकोत्सव का आयोजन कराने की मांग पिछले कई दिनों से नगर परिषद से की जा रही है।
लेकिन बोर्ड द्वारा कोई ठोस जवाब नही मिलने पर
दाउदनगर के सभी कलाकारों ने गुरुवार की देर शाम यश एकेडमी के प्रांगण में पूर्व मुख्य पार्षद परमानन्द प्रसाद के अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया।इस बैठक में वार्ड पार्षद कौशलेंद्र सिंह,पार्षद बसंत कुमार ,यश स्कूल के निदेशक शम्भू कुमार एवं सभी कलाकार शामिल हुए।
बैठक में कहा गया कि मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि द्वारा जानबूझ कर इस आयोजन को नही कराने का मन बना लिया है जो निंदनीय है। हर बार कोई न कोई बहाना बना कर टाल दिया जा रहा है।बैठक में निर्णय लिया गया कि एक बार फिर से एक ज्ञापन नगर परिषद को सौपा जाए,अगर यह आयोजन नही होता है तो विरोध में पुतला दहन किया जाएगा साथ ही पूरे लोकोत्सव में कलाकार बाहं में काली पट्टी बांध विरोध जताएंगे।

शुक्रवार को विद्यार्थी क्लब के निर्देशक चन्दन कुमार एवं प्रबुद्ध भारती के निदेशक रणधीर उर्फ भोलू के नेतृत्व में सभी कलाकारों ने एक ज्ञापन सौपने नगर परिषद पहुंचे।
सभी कलाकारों के साथ पूर्व पार्षद परमानन्द प्रसाद एवं यस स्कूल के निदेशक भी थे।लेकिन 12 बजे तक नगर परिषद में एक दो कर्मचारियों के अलावा कोई नही था। काफी देर इंतज़ार करने बाद कार्यपालक एवं मुख्य पार्षद के पास कॉल किया गया पर किसी ने रिसीव नही किया। पार्षद कौशलेंद्र सिंह ने कहा कि पार्षद के कॉल का भी जवाब नही दिया जाता है। चंदन कुमार ने बताया कि यह ज्ञापन नगर परिषद के देने के अलावा इसकी प्रतिलिपी अनुमंडल पदाधिकारी ,अनुमंडल पुलिस अधीक्षक,जिला पदाधिकारी औरंगाबाद,नगर विकास पटना एवं जनसंपर्क एवं सूचना विभाग पटना भी भेजी जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि दाउदनगर वासियों के तरफ से पिछले दिनों एक आवेदन दिया था जिसमें अनुरोध किया गया था कि जिउतिया के संवधर्न एवं संरक्षण के लिए 2016 की तरह इस बार भी जिउतिया लोकोत्सव का आयोजन नगर परिषद के प्रांगण में कराया जाए ताकि इस उत्सव को सरकारी दर्जा मिलने के राह में मिल का पत्थर साबित हो।परन्तु नगर परिषद दाउदनगर द्वारा सर्वसम्मति से बोर्ड में पारित होने के बावजूद जिउतिया लोकोत्सव का हठधर्मिता के कारण इसका आयोजन नही करा रहे हैं।जो निंदनीय है।जिसके विरोध में सभी कलाकार एवं जनता भूख हड़ताल,पुतला दहन, काली पट्टी द्वारा विरोध जिउतिया लोकोत्सव के दरम्यान करेंगे।जिउतिया न कराने का कारण भी आटीआई के द्वारा पूछा जाएगा।एवं इसकी शिकायत लोक से शिकायत निवारण द्वारा कराया जाएगा।क्योंकि नगर परिषद नियमावली धारा 48 में अंकित है कि शहर में सांस्कृतिक विकास,खेलकूद,शिक्षा के लिए बोर्ड विभिन्न कार्यों पर खर्च कर विकसित कर सकती है।
यह ज्ञापन देने के लिए 2 बजे तक इंतजार करने के बाद भी कोई नही पहुंच पाया था। वार्ड पार्षद बसंत कुमार,पार्षद राजू राम एवं पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत कुमार ने कहा कि यह आयोजन न होना निंदनीय है।कलाकर संजय
तेजस्वी,विकास कुमार,प्रदुम्न,चन्दन आदि ने कहा कि यह आयोजन नही होता है तो यह शहर के लिए दुर्भाग्य होगा।

पिछले मंगलवार को नगर परिषद बोर्ड की अनौपचारिक बैठक हुई थी। इसके बाद मुख्य पार्षद द्वारा बताया गया था कि नियमानुसार कार्रवाई करने के लिये संचिका नगर कार्यपालक पदाधिकारी के पास भेज दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इसके आलोक में ही इ ओ द्वारा विभागीयक्षदिशा निर्देश के आलोक में मंतव्य मुख्य पार्षद से मांगा गया है।इस पर जब नगर परिषद के नगर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिउतिया लोकोत्सव के आयोजन के संबंध में संचिका उनके पास आयी थी। उन्होंने मुख्य पार्षद सोनी देवी से विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में मंतव्य मांगा है।
आयोजन को लेकर पूछने पर मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि यह आयोजन सभी पार्षदों के सहमति से होना था पर कुछ पार्षद को छोड़कर सभी पार्षद दायित्व लेने को सहमति नही दे पा रहे हैं।समय कम है ,आयोजन में सभी की सहभागिता जरूरी होता है।

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