

त्याग व बलिदान का पर्व मोहर्रम शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हो गया। इस अवसर पर जगह-जगह ताजिए के साथ जुलूस निकाले गए। हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर कलेजा पीट-पीटकर मातम मनाया गया। वहीं विशाल जुलूस निकाल कर लाठी, डंडा, आदि शस्त्रों का प्रदर्शन किया गया। जुलूस के दौरान हैरतअंगेज करतब भी देखने को मिले।शुक्रवार की देर रात तक जहां ग्रामीण क्षेत्रों के ताजिया का पहलाम किया गया था, वहीं शनिवार को शहरी क्षेत्र के ताजिया का पहलाम मुहर्रम जुलूस निकालकर किया गया। विभिन्न मुहर्रम कमिटियों के लोगों द्वारा ताजिया के साथ शहर में मुहर्रम जुलूस निकाला गया।कलात्मक ताजिए जुलूस के आकर्षण के केंद्र बने रहे।यह जुलूस निर्धारित रूट के अनुसार गुजरते हुए पुराना शहर स्थित कर्बला पहुंचा, जहां ताजिया का पहलाम किया गया। मुहर्रम को लेकर प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध किया गया था।सभी चिन्हित स्थानों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। शहर में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।अनुमंडल पदाधिकारी अनीस अख्तर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकुमार तिवारी शहर में घूम घूम कर स्वयं निरीक्षण करते देखे गये और पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे।
जलपान की व्यवस्था:
युवा उड़ान फाउंडेशन के तरफ से तमाम मोहर्रम कमेटी के मेंबर को जलपान और नाश्ता का व्यवस्था गया था। फाउंडर के सदस्य रूपेश सोनी ने बताया कि वे हर साल यह व्यवस्था करते आए हैं इससे भाईचारे एवं एकता का बल मिलता है। वहीं मदिना मस्जिद इस्लामिया मदरसा पुरानाशहर के पास गुलफाम खान द्वारा शर्बत का इंतेजाम किया गया था। बाजार चौक,पुरानाशहर अंजान शहीद के पास शर्बत जलपान की व्यवस्था की गई थी।

