
विद्यानिकेतन परिसर में बुधवार को रिसर्च क्लीनिक लाइफ लाइन के चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने एक प्रेस वार्ता करते हुए पत्रकारों के समक्ष कुछ ऐसे लोगों को प्रस्तुत किया जो जटिल रोगों से ग्रसित थे और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने के बाद उन्हें लाभ पहुंचा है तथा आज सही हालत में हैं।
आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों के समक्ष शहर के पुराना शहर निवासी विजय चौरसिया के पुत्र राहुल कुमार ने बताया कि उसका तीन मार्च 2015 को हसपुरा में सड़क दुर्घटना में पैर पूरी तरह डैमेज हो चुका था ।पटना और रांची में इलाज हुआ. पैर में रड लगाया गया, लेकिन हड्डी में इंफेक्शन हो गया ,जिसके कारण जख्म होने लगा। राहुल के अनुसार भिल्लौ में उनका ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन जख्म पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रहा था। एक जख्म ठीक हो रहा था तो दूसरा जख्म निकल जा रहा था ।दाउदनगर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने राहुल के परिजनों से संपर्क किया और निशुल्क इलाज किए जाने की इच्छा जताई, जिसके बाद होम्योपैथ पद्धति से इलाज शुरू हुआ और आज वह पूरी तरह ठीक हालत में है।उन्हें जख्म नहीं हो रहा है। इस सड़क दुर्घटना में जख्मी राहुल का इलाज के लिए दाउदनगर में जन सहयोग राशि इकट्ठा किया गया था और करीब 13-14 लाख रुपए खर्च हुए थे।जिसका शहरवासी भी जानते हैं ।
कई का कर चुके हैं इलाज:
बुकनापुर निवासी अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें मल्टीपल मैंलोना टाइप का कैंसर होने की जानकारी वर्ष 2012 में मिली। उन्होंने कई बड़े चिकित्सालय में भी इलाज कराया .डॉ मनोज की शरण में आए और अब वे पूरी तरह ठीक हैं ।उनकी 85 वर्षीय वृद्ध मां होम्योपैथिक पद्धति से ही पांच.वर्षों तक कैंसर का इलाज हुआ ।हसपुरा प्रखंड के मौआरी निवासी श्याम कुमार ने कहा कि वर्ष 2017 में अचानक उन्हें यूरिन की समस्या उत्पन्न हो गई, कोई सुधार नहीं हो रहा था, अल्ट्रासाउंड में प्रोस्टेट निकला।डॉ. मनोज की शरण में आए और अब वे पूरी तरह से ठीक हैं।दाउदनगर निवासी तारणी कुमार इंद्रगुरु ने कहा कि वे नौ वर्षों से हाई ब्लड प्रेशर के शिकार थे ,करीब डेढ़ वर्ष पूर्व वे डॉ मनोज द्वारा प्रत्येक रविवार को लगाया जानेवाले निशुल्क जांच शिविर में पहुंचे और एक खुराक दवा लिए तथा आज तक हाई ब्लड प्रेशर नहीं हुआ है।विश्वंभर बिगहा निवासी पवन कुमार ने बताया कि उनका तीन वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार जन्म से तीन चार महीने बाद ही निमोनिया का शिकार हो गया, उसके बाद उसका पेट फूलने लगा। होम्योपैथी से आज वह पूरी तरह सही हालत में है।तीन वर्षीय बच्ची सुहानी कश्यप के हृदय में छेद था, उसे डाउन सिंड्रोम की बीमारी थी आज वह पूरी तरह ठीक है।संसा निवासी मनीष कुमार रफीगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय पौथू में शिक्षक हैं ,उन्हें किडनी में स्टोन था ।आज वे पूरी तरह ठीक हैं. दाउदनगर निवासी दयानंद शर्मा ने बताया कि उनका दोनों पैर फूल गया था।एक साल से होम्योपैथिक की दवा खा रहे हैं और वे ठीक हैं।दाउदनगर निवासी विक्रम प्रकाश स्कीन डिजिट के शिकार थे तो पंकज कुमार खांसी का शिकार थे।होम्योपैथिक पद्धति से दोनों ठीक हैं।इन लोगों ने कहा कि डॉ मनोज कुमार ऐसा लगता है कि औरों का नहीं बल्कि रोगी का इलाज करते हैं।
हैनिमैन के सिद्धांत पर करते हैं इलाज :
इन मरीजों को सामने लाने के बाद डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि वे हैनिमैन के सिद्धांत पर मरीजों का इलाज करते हैं। ऐसा भी होता है कि होम्योपैथी दवा चलने के दौरान और भी बीमारियां उभरकर सामने आने लगती हैं, लेकिन उससे हड़बड़ाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वह बीमारी समाप्त होती है।इस प्रेस वार्ता में विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीइओ आनंद प्रकाश एवं डॉ. अशोक कुमार भी मौजूद रहे।