
प्रखंड के तरार पंचायत के तरार गांव में समारोह आयोजित कर इस पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया।यह पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो गया है। अब यहां के ग्रामीण खुले में शौच नहीं करेंगे। खुले में शौच से मुक्ति को लेकर मंगलवार को मुखिया सर्वोदय प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में समारोह आयोजित की गई। ओडीएफ घोषित करते हुए डीएम राहुल रंजन महिवाल ने कहा कि अपने पंचायत को ओडीएफ बनाकर तरार पंचायत को ओडीएफ बनाकर ग्रामीणों ने बहुत बड़ा काम किया है।शौचालय बनानेवाले ग्रामीण बने हुए शौचालय का उपयोग करें। समाज से हर प्रकार की गंदगी को दूर भगाएं ।अपने सभी रिश्तेदारों एवं दोस्तों को भी शौचालय विहीन घरों में शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हमें समाज से हर प्रकार की बुराइयों को मिटाना है। इस मौके पर डीआरडीए के डायरेक्टर शिवकुमार शैव ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी भी पंचायत के लिए स्वर्णिम दिन है, जब पंचायत ओडीएफ घोषित होता है। ओडीएफ होने पर अलग से ओडीएफ होने वाले पंचायत को सात निश्चय के अंतर्गत एख करोड़ रुपए की विकास राशि मिलेगी, जिससे उस पंचायत के विकास को गति मिलेगी ।कचरा से निजात के लिए भी सरकार द्वारा राशि दिया जाएगा।यह स्वच्छता का पहला कदम है।अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह प्रखंड के वरीय पदाधिकारी तेजनारायण राय ने कहा कि इस पंचायत के ओडीएफ होने के साथ ही इस पंचायत का,प्रखंड और जिला को पूरे बिहार में गौरव प्राप्त हुआ है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम ने 31 दिसंबर तक इस प्रखंड के सभी पंचायतों ओडीएफ बना देने का लक्ष्य रखा गया है।ग्रामीण आवास सहायक अनुज कुमार सिंह को जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।समारोह का संचालन जितेंद्र सिंह ने किया।

