
सोमवार को पुराना शहर स्थित गाजिया दौरा का प्रथम सालाना उर्स धूमधाम से मनाया गया।जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं एवं मुरीदों ने भाग लिया।हजरत सैयद शाह तेहामिउल कादरी के नेतृत्व में चादरपोशी का जुलूस निकाला गया और गाजीये दौरा के मजार शरीफ पर चादरपोशी की गई। चादरपोशी जुलूस की सरपरस्ती हजरत सैयद शाह अता हुसाम कादरी की प्राप्त थी।चादरपोशी के बाद जलसा का आयोजन किया गया ।जलसे में नात खां राही बसतवी (बस्ती, यूपी), असलम वारसी (कानपुर, यूपी),इश्तेयाक रहबर (भागलपुर) एवं सगीर मुरादाबादी (मुरादाबाद, सासाराम )ने नात खां प्रस्तुत किया ।इस जलसे में सीतामढ़ी से आए मो अजहरुल कादरी, इलाहाबाद से आए सैय्यद मो. रेहान कादरी, डॉ सैय्यद सेराज अली ने तकरीर पेश किया और गाजीये दौरा के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।कहा की ईश्वर एक है,गाज़िया दौरा के बाबत बताया कि इस दौरे के मसीहा और जिंदा वूली है।इनसे हर धर्म के लोग फैज़याब होते हैं और इनके मज़ार पर आकर फैज़याब होते रहेंगे।