
शाहिद कैय्युम की रिपोर्ट:
युवा राजद प्रवक्ता नवलेश यादव ने एक बयान जारी कर कहा कि गांव से शहर आने के क्रम में ग्रामीणों को पीने का पानी और शौचालय की क़िल्लत का सामना करना पड़ता है। इस भीषण गर्मी में घर से लेकर बाहर तक लोग पेड़ की छाया ढूंढने में लगे रहते हैं। इस तपती धूप में लोग पानी के एक-एक बूंद के लिए तरसने प र मजबूर हैं। मुख्यमंत्री के सात निश्चय के तहत वैसे तो हर प्रखंड में योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। इसी पर लगभग हर पदाधिकारी का फोकस भी है। विशेष कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सात योजनाओं को हर क्षेत्र में लागू करने को लेकर दृढ़ संकल्पित तो हैं लेकिन ठीकेदार, वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव से लेकर छोटे पदाधिकारी इसे पूरी तरह से असफल करने में कोई कसर छोड़ना नही चाहते हैं। हर घर नल जल में अनिमियत्ता दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है।दाउदनगर शहर और आसपास के गाँव की स्थिति पानी की समस्या को लेकर भयावह होते जा रही है। भीषण गर्मी में जल स्तर नीचे चले जाने से चापाकल की स्थिति खराब हो गयी है।घर से लेकर बाहर तक के चापाकल सुख चुके हैं। लोग बजार के लिए लगाए गए मोटर पंप से पानी भरने को मजबूर हैं।
पानी की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से सात निश्चय योजना के तहत नल जल योजना में अक्टूबर 2017 में कार्य प्रारंभ किया गया था। लेकिन अभी तक उस नल से एक बूंद पानी तक ग्रामीणों को नसीब नही हो सका है। यहां जल स्तर बहुत नीचे है जब विद्युत रहती है तो पानी मिलता है अन्यथा इधर उधर भटकना पड़ता है।
अब देखना यह है कि पानी के एक एक बूंद के लिए तरस रहे ग्रामीणों की प्यास कब बुझती है। लेकिन जिस तरह से नल जल योजना का काम ठप पड़ चुका उसमे घोटाले की बू आती है। मुख्यमंत्री के अति महत्वकांक्षी योजना सात निश्चय योजना की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगना बेहद ही गंभीर मामला है। इसमें जिलाधिकारी से जांच की मांग की है और उम्मीद की है कि जितना जल्द हो की इस समस्या को दूर किया जाए अन्यथा युवा राजद आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे।