
क़फ़न- “द लास्ट वील” डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म को दरभंगा इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में बेस्ट स्टोरी के लिए पुरस्कृत किया गया। यह फ़िल्म “हेरिटेज ऑफ मगध” डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के 27 भाग में से एक है। इस सिरीज़ की यह तीसरी फ़िल्म है जो किसी भी फ़िल्म फ़ेस्टिवल में विजेता बनी है। इसी सिरीज़ की पहली दो फ़िल्म -जिउतिया : द सोल ऑफ कल्चरल सिटी दाउदनगर एवं देव : द सन टेम्पल को भी अवार्ड मिल चुका है।
पृस्कृत डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के डायरेक्टर धर्मवीर भारती ने बताया कि अब बिहार फ़िल्म को बेहतर से बेहतर बनाने की मेरी जिम्मेवारी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मगध की समृद्ध धरोहरों पर शोध कर करीब तीन साल से निर्माणाधीन डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म हेरिटेज ऑफ मगध का महत्वपूर्ण भाग है क़फ़न- द लास्ट वेल डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म।

फ़िल्म की कहानी पर चर्चा करते हुए धर्मवीर फ़िल्म एंड टीवी प्रोडक्शन की एमडी डॉली ने बताया कि “क़फ़न – द लास्ट वील” डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म मानपुर के बेहाल क़फ़न बुनकरों के रोज़मर्रे के जीवन की संघर्ष की कहानी है। मगध में बुनकरों के कई प्रकार है। जिसमें कच्चा सूत और माड़ी से निर्माण करने वाले मानपुर के क़फ़न बुनकरों की स्थिति बद से बदतर है। पूरा परिवार मिलकर क़फ़न निर्माण करते हैं और कंधे पर लादकर विष्णुपद श्मसान घाट पर दुकानों में पहुचाते हैं। जब लाश जलती है तो इनके यहां चूल्हा जलता है।
दो सौ साल के संघर्ष में क़फ़न बुनकर औरंगाबाद, दाउदनगर, जहानाबाद, नवादा से सिमटकर शेष मानपुर (गया) के एक कोने में ही बसे हैं। अब मार्केट में प्लास्टिक के क़फ़न ने हावी होकर इस धंधे को और चौपट कर दिया है।
दरभंगा अंतराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवल -2018 में “धर्मवीर फिल्म एंड टीवी प्रोडक्शन” द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘कफ़न – द लास्ट वील’ का चयन हुआ। इस फेस्टिवल में विश्व के 88 देशों के फिल्मकारों की 1092 फ़िल्मों की एंट्री हुई थी। जिसमे ज़्यूरी टीम ने 182 फिल्मों का “ऑफिशियल सलेक्शन” किया है। चयनित 182 फ़िल्मों को 20, 21 और 22 अप्रेल को “सिल्वरजुबली ऑडिटोरियम”, नरगौना प्लेस, दरभंगा में दर्शकों के लिए स्क्रीनिंग की गयी थी।
इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर कर्मवीर भारती, फ़िल्म में कैमरा रणवीर कुमार ने किया है। एडिटिंग पप्पू प्रकाश और संकेत सिंह ने किया है।
* धर्मवीर भारती द्वारा निर्मित मानपुर के क़फ़न बुनकरों के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म “क़फ़न- द लास्ट वील” का दरभंगा अन्तराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल बेस्ट स्टोरी का अवार्ड मिला।
* इस फेस्टिवल में वर्ल्ड के 88 देशों के 1092 फिल्मकारों की फिल्में एंट्री ले पायीं।
* ज़्यूरी ने स्क्रीनिंग के लिए 182 फिल्मों का चयन किया जिसमें धर्मवीर भारती की डॉक्यूमेंट्री फिल्म “क़फ़न- द लास्ट वील” भी शामिल।
* इस अन्तराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल में रूस, अमेरिका, चाइना, स्पेन, जापान इत्यादि देशों की भी फिल्में शामिल।