
दाउदनगर अनुमंडल के अंतर्गत ओबरा के राव रणविजय अभिनीत फ़िल्म मास्टर साहब के स्क्रीनिंग की ख़बर विवादों के घेरे में आया था। पिछले सप्ताह अनुमंडल अख़बारों ने दरभंगा फ़िल्म फ़ेस्टिवल में फ़िल्म मास्टर साहब के स्क्रीनिंग की ख़बर छापी थी। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर चला, कुछ पक्ष में तो कुछ इसके ख़िलाफ़ में। दाउदनगर.इन द्वारा भी इस ख़बर को प्रकाशित किया गया था।

मामले की छानबीन करने के लिए हमने कई लोगों से बात की। इस फ़िल्म के मुख्य अभिनेता राव रणविजय से बातचीत में स्क्रीनिंग से जुड़े कुछ तथ्य सामने आए। उनका कहना था कि उन्हें इस फ़िल्म फ़ेस्टिवल की जानकारी देर से मिली। उन्होंने आयोजकों से बात की तथा फ़िल्म का ट्रेलर उन्हें भेजा। फ़िल्म बहुत अच्छी लगी परंतु उस समय तक फ़िल्म सब्मिट करने की तारीख़ ख़त्म हो चुकी थी। तब जाकर उस फ़िल्म को प्रतियोगिता में शामिल ना कर फ़िल्म फ़ेस्टिवल के दौरान स्क्रीनिंग की सहमति बनी।

तय समय सारणी के मुताबिक़ कल दिनांक 21 एप्रिल को दरभंगा फ़िल्म फ़ेस्टिवल में मास्टर साहब की स्क्रीनिंग की गई। उसी फ़िल्म के कलाकार दाउदनगर निवासी संतोष अमन दरभंगा पहुँच कर स्क्रीनिंग के समय शामिल होने की बात की पुष्टि की है। वहीं दाउदनगर से जुड़ाव रखने वाले फ़िल्म निर्देशक धर्मवीर भारती की फ़िल्म “कफ़न-the last viel” का चयन प्रतियोगिता के लिए किया गया है जिसका आज स्क्रीनिंग होना तय है।
कुल मिलाकर मास्टर साहब के स्क्रीनिंग की ख़बर सच्ची थी परंतु फ़िल्म फ़ेस्टिवल के प्रतियोगिता में शामिल नहीं रही। प्रतियोगिता से बाहर रहकर भी फ़िल्म मास्टर साहब दर्शकों को ख़ूब पसंद आया। एक अंतर्रष्ट्रिय फ़िल्मे फ़ेस्टिवल में इस फ़िल्मे को ख़ास मौक़ा देकर दर्शकों के बीच स्क्रीनिंग वाक़ई अपने शहर के लिए गॉर्व की बात है। ज्ञात हो कि इस फ़िल्म में दाउदनगर के कलाकारों ने काम किया है और इस फ़िल्म को औरंगाबाद ज़िला के कई विद्यालयों में दिखाया जा चुका है।