ग्राहकों को एटीएम की फ़ुल प्रूफ़ सेवा देने में बैंक असफल

फ़ोटो- वलीउल्लाह अंसारी

दाउदनगर में अधिकांश एटीएम से सेवा नहीं मिलने की शिकायत एक लम्बे अरसे से आ रही है। कई बार इसे मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर करने का प्रयास किया गया। अबतक कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ा। कहने को तो दाउड़नगर में अनेक एटीएम हैं मगर सेवा का लाभ कितने एटीएम से मिल पाता है ओ हैरान करने वाली बात है। ज़्यादातर एटीएम बन्द रहते हैं या तो आउट ऑफ़ ऑर्डर की अवस्था में शोभा की वस्तु बने रहते हैं।

फ़ोटो- वलीउल्लाह अन्सारी

एसबीआइ, पीएनबी, ऐक्सिस तथा बैंक ऑफ़ बड़ोदा के एटीएम मुख्य रूप से नगरवासियों की सुविधा के मद्देनज़र लगे हुए हैं। जिसमें एसबीआइ के एटीएम की संख्या सबसे ज़्यादा है। अगर औपचारिकता नाम मात्र के लिए एटीएम की स्थापना करनी है तो इससे बेहतर इसे बन्द ही कर दिया जाए। आज इस टेक्नॉलोजी के दौर में ना तो इंटर्नेट सेवा का अभाव है और नहीं विद्युत ऊर्जा का। बैंक में पैसे की भी कमी नहीं है जैसा कि नोटबंदी के समय हो चुका था तो अब भला एटीएम का ख़स्ताहाल क्यूँ है? क्या इसे बैंक कर्मचारी की लापरवाही मान लिया जाए?

पुराना शहर में एटीएम का ना होना भी एक सोंचनिय बिंदु है। शहर की आधी आबादी पुराना शहर में स्थित है लेकिन पैसे निकासी के लिए कमसे कम कचहरी मोड़ तक का चक्कर लगाना ही पड़ता है। ओ भी क़िस्मत अच्छी रही तो पहले प्रयास में कचहरी मोड़ पर स्थित एटीएम से निकासी हो जाती है अन्यथा आगे का चक्कर लगाना पड़ता है। क्या बैंक के पास उनके ग्राहकों का आँकड़ा उपस्थित नहीं है कि कौन से इलाक़े में उनके कितने प्रतिशत ग्राहक मौजूद हैं? क्या उस आँकड़े के आधार पर पुराना शहर में एटीएम होना ज़रूरी नहीं है? सब कुछ मालूम रहते भी बैंक द्वारा अज्ञानता का परिचय देकर सेवा से मुँह मोड़ना मौजूदा नज़रिया को दर्शाता है।

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