
शाहफैशल की रिपोर्ट:-
दाऊदनगर बीआरसी कार्यालय में व्याप्त कमी और भ्रष्टाचार को लेकर विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देना यह साबित करता है कि कहीं न कहीं दाऊदनगर बीआरसी कार्यालय भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गया है तभी तो औरंगाबाद जिले के तमाम प्रखंडों में सितंबर माह का वेतन हो जाता है लेकिन दाऊदनगर का नहीं और अभी तक सातवें वेतन आयोग के आलोक में शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का संधारण सीआरसी के नाम पर बांटकर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है सीआरसीसी के नाम पर अलग-अलग हस्ताक्षर करने का औचित्य क्या है जिन शिक्षकों का सेवा पुस्तिका लिखी जा चुकी है उन पर तुरंत हस्ताक्षर होना चाहिए जिनसे उन्हें ससमय लाभ मिल सके मगर हो रहा है इसके ठीक उल्टा.इसके साथ ही अनेक प्रकार के शिक्षक समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है दाऊदनगर जैसे महत्वपूर्ण है अनुमंडलीय बीआरसी कार्यालय में हमेशा के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के सहारे चलाया जा रहा है क्यों नहीं यहां स्थाई प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति की जा रही है जिससे की समस्याओं के समाधान में तेजी आ सके।