इस आम बजट में जानिए लोगों की प्रतिक्रिया

केंद्र सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेठली द्वारा आम बजट पेश किए जाने के बाद लोगों में मिली जुली प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही है। ख़ास कर सत्ताधारी पक्ष के लोग बजट को जनहित और देशहित में बता रहे हैं तो वहीं विपक्ष के लोग इसे बकवास बता रहे हैं।

गोह निवासी धीरज कुमार ने इस बजट को देशहित में बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में हर चीज का ध्यान रखा गया है। यह शानदार बजट है। मैं वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनकी टीम को बधाई देता हूँ। ये देश के विकास को गति देने वाला बजट है। ये हर वर्ग का बजट है। उन्होंने कहा कि कहा कि किसानों ने देश के विकास में बहुत योगदान दिया है। उनकी आय को बढ़ाने के लिए इस बजट में अनेक प्रावधान किए गए हैं। दलित, वंचित पीड़ित लोगों को लाभ मिलेगा और 21 सदी के लिए बेहतर भविष्य मिलेगा। गरीब हमेशा बीमारी के इलाज के लिए परेशान रहता है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 50 करोड़ नागरिकों को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिल पाएगा।

भाजयुमो जिला मंत्री विवेकानंद मिश्र ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट दिशा देगी और इस बजट में किसानों, मजदूरों, बेरोजगार युवाओं के सुनहरे भविष्य के लिए विशेष रूप से ध्यान देने का काम हमारी सरकार ने किया है। प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह आम बजट इस बात का घोतक है कि यह सरकार वादों पर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने में विस्वाश रखती है।

छात्र राजद दाऊदनगर प्रभारी सुनील कुमार ने कहा कि इस बार की आम बजट के बाद खासकर छात्र एव युवा वर्ग मे निराशा का मौहल है। इस बजट में छात्रो के लिए बजट के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। साथ ही मध्यमवर्ग को सरकार ने मझधार में छोड़ दिया है, मध्यमवर्ग के लिए कुछ नहीं है। इस बजट में बिहार की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। नाही बिहार को स्पेशल राज्य का दर्जा की कोई सुगबुगाहट भी दिखाई नहीं दी।

वैश्य सेवा दल दाऊदनगर प्रखंड उपाध्यक्ष सह शमशेरनगर निवासी दीपक कुमार ने इस बजट को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि आम बजट से युवाओं को निराशा। बजट में सरकारी वकेंसियो की कोई चर्चा नहीं है। युवा वर्ग इस बजट से ठगा हुआ महसूस कर रहे है। नौजवानो में बजट से घोर निराशा हुआ है। लगातार रोजगार में गिरावट आ रही है और लोग काफी परेशान है। जिसके कारण बेरोजगार युवा में जबरदस्त आक्रोश है।

राजकीय मध्य विद्यालय तिलकपुरा के प्रधानाध्यापक अवधेश कुमार ने इस बजट को पूँजीपतियों का बजट बताते हुए कहा कि कुल मिलाकर यह बजट आम जनों, गरीबों, बेरोजगारों, छात्रों और नौकरीपेशावालों के विरुद्ध एवं पूंजीपतियों का पक्षधर माना जा सकता है।

भाजपा ज़िला प्रवक्ता अश्विनी तिवारी ने इस बजट की सराहना की है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया। इस बजट में नौजवानों, बेरोजगारों, किसानों, व्यवसाइयों, विद्यार्थियों तथा वरिष्ठ नागरिक का भरपूर ख्याल रखा गया है। इस बजट से देश में आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा गरीब गुरबा को इससे फायदा होगा। टीवी पेशेंट के लिए ₹500 प्रतिमाह देने का भी बजट में प्रधान है। बाल सुरक्षा जननी के तहत गर्भ होने के बाद ₹5000 दिया जाएगा। गरीब व्यक्तियों के लिए ₹500000 के बीमा योजना तथा अन्य कई प्रकार के ऐसी योजनाओं के माध्यम से गरीब व मध्यम वर्गीय व्यक्ति के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। इस बजट के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली तथा देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी औरंगाबाद जिला के कार्यकर्ताओं के तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद।

माँ टाइपिंग सेंटर के छात्रा के दो छात्राओं सिमरन कुमारी एवं नेहा कुमारी का इस बजट पर अलग राय है। सिमरन के मुताबिक़ केन्द्र सरकार का इस आम बजट में रोजगार एवं युवाओं पर विशेष ख्याल रखा गया है। यह बजट से आम जनों को लाभ मिलेगा।

वहीं नेहा कुमारी का कहना है कि मोदी सरकार का आम बजट भावनाओं का बजट है युवाओं पर विशेष फोकस नहीं दिया गया है। युवाओं को जॉब चाहिए मगर इसमें कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है।

इसी संस्था के सनी कुमार का कहना है कि बजट से आम लोगों को कोई लाभ नहीं है। बिहार राज्य को विशेष पैकेज भी केन्द्र सरकार के द्वारा नही मिला जिससे बिहार में रोजगार की संभावना बनना मुश्किल लगता है।

छात्रा आशा कुमारी ने कहा की इस बजट में महिलाओ को विशेष ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है। महिलाओ को तरजीह दी गई है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में CCTV कैमरे और वाई फाई इंटरनेट कनेकशन उपलब्ध कराने से महिलाये काफी सुरक्षित महसूस करेंगी। छात्रा मधु कुमारी ने कही की डिजिटल पढ़ाई पद्धति को बढ़ावा देना बहुत अच्छी पहल की गई है इसके साथ ही साथ 24 नए मेडिकल कॉलेज खोला ज जाना बहुत अच्छी पहल है केंद्र सरकार के द्वारा बजट में सभी रेलवे ट्रेनों में वाई फाई कनेक्शन और सीसीटीवी कैमरा लगाने का पहल से महिलाएं काफी सुरक्षित महसूस होंगे 70 लाख नौकरियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इससे युवाओं में ख़ुशी है 50 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देगी सरकार जिससे युवाओं में खुशी की लहर देखी जा रही है।

छात्र चन्दन कुमार रजक ने कहा कि इस बजट में युवाओ को तरजीह दी गई है। 70 लाख नौकरी 2018 -19 में लक्ष्य रखा गया है और देश के हर जिले में कौशल विकास केंद्र की स्थापना बहुत ही अच्छी पहल है।

देवकुल सामाजिक विकास व शोध संस्थान के संस्थापक गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम ने बजट को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगार एवं कर्मचारियों के लिए बहुत ही निराशाजनक है। मुझे उम्मीद थी कि सरकार एक बार फिर से पुरानी पेंशन नीति लागू करेगी पर नहीं हुआ। नियोजित शिक्षा नीति, वित्त रहित शिक्षा नीति पर भी सरकार मौन रह गई, जो की शिक्षा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। कृषि के क्षेत्र में कुछ अहम प्रयास करने की कोशिश की गई है जिसके लिए सरकार बधाई की पात्र है। एक बार फिर सामाजिक क्षेत्र पर खर्च बढ़ाने की जगह, सांसदों के वेतन भत्ते व अन्य सुविधाओं को बढ़ाने को तरहीज दी गई। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र को उपेक्षित रखा गया। इस बजट के माध्यम से उच्च और मध्यम वर्ग को साधने का प्रयास किया गया है वही छोटे कर्मचारी, ठेला वाले, खोमचे वाले, खुदरा कारोबारी के हित के बारे में बहुत ही कम ध्यान दिया गया है। यह बजट महंगाई को और बढ़ा देगा जिससे किसानों की आय को दुगना करने का दावा भी स्वत: महंगाई का भेंट चढ़ जायेगा।

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