
पिंटू कुमार आर्य की रिपोर्ट:-
स्थान दाउदनगर कॉलेज कैम्पस का है जहाँ कॉलेज के दीवार पर लगी है एक पेपर जिसमे पूरी विवरण है प्रैक्टिकल का एग्जाम का।लेकिन कहीं किसी भी कॉलेज प्रशाशन के सिग्नेचर और न ही मुहर है।खैर यह तो एक छोटी सी बात है।बात बड़ी इस बात का है कि कॉलेज में आज प्रक्टिकल का एग्जाम था लेकिन सम्बन्धित विषय के जानकार टीचर की तो बात छोड़ दे किसी भी सब्जेक्ट के टीचर नही थे उनके जगह पर एग्जाम लेते दिखे कॉलेज के चपरासी।
दाउदनगर अखिल भरतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकरणी सदस्य सौरभ राजपूत जी ने बताया कि,जी हा यह एक मात्र ऐसा कॉलेज है इस शहर में जो सरकारी है तो कार्य भी यहाँ सरकारी तन्त्रो की तरह होती है।वह चाहे जो भी समय हो एड्मिसन का समय हो या सर्टिफिकेट लेने के समय हो या फॉर्म और रजिस्ट्रेशन फील करने का टाइम हो इस समय पर कॉलेज में लगभग सभी शिक्षक दिखाई देते है लेकिन जब सामान्य दिन हो तो कोई भी शिक्षक कॉलेज परिषर में नही दिखते सिवाए ईके दुक्के शिक्षकों के अलावे नही दिखते।
वही कॉलेज के abvp छात्र सचिव हिमांशु कुमार ने बताया कि इस कॉलेज में पढ़ाई कभी समय से नही होता है यह कॉलेज सिर्फ सर्टिफिकेट बाटने का पैसा ऐठने का स्थान बन गया है।